ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहारकेके पाठक का पैटर्न फॉलो करेंगे बिहार के यूनिवर्सिटी और कॉलेज, मॉनिटरिंग के लिए 12 ग्रुप बनाए गए

केके पाठक का पैटर्न फॉलो करेंगे बिहार के यूनिवर्सिटी और कॉलेज, मॉनिटरिंग के लिए 12 ग्रुप बनाए गए

शिक्षा विभाग द्वारा गठित हर समूह के लिए एक पदाधिकारी चिह्नित किये गये हैं, जो प्रतिदिन शाम में 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विश्वविद्यालयों के पदाधिकारी और कॉलेज प्राचार्य से रिपोर्ट लेंंगे।

केके पाठक का पैटर्न फॉलो करेंगे बिहार के यूनिवर्सिटी और कॉलेज, मॉनिटरिंग के लिए 12 ग्रुप बनाए गए
Sudhir Kumarहिंदुस्तान,पटनाSat, 24 Feb 2024 09:45 AM
ऐप पर पढ़ें

बिहार के सभी विश्वविद्यलायों के साथ-साथ अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों की शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग लेगा। इसके लिए विभाग की ओर से नई व्यवस्था की गयी है, जिसमें 12 अलग-अलग समूह बनाये गये हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश पर राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों को हर दिन पठन पाठन से संबंधित गतिविधियों की रिपोर्ट हर देना है। सभी सरकारी स्कूलों में यह काम पहले से चल रहा है।

शिक्षा विभाग द्वारा गठित हर समूह के लिए एक पदाधिकारी चिह्नित किये गये हैं, जो प्रतिदिन शाम में पांच बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वविद्यालयों के पदाधिकारी और कॉलेज प्राचार्य से रिपोर्ट लेंगे। विवि और कॉलेजों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति क्या रही, कितनी कक्षाएं चलीं, ये सभी जानकारी विभाग लेगा। साथ ही आवश्यक निर्देश भी संस्थानों को विभाग के द्वारा दिया जाएगा। 

साहसी युवाओं को नीतीश सरकार की सौगात, बिहार लघु उद्यमी योजना में 50 हजार का चयन

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए राज्य के उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों (नालंदा खुला विवि को छोड़कर) के कुलसचिवों को पत्र जारी किया है। विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव पटना विवि, पाटलिपुत्र विवि व जयप्रकाश विवि के अंगीभूत कॉलेजों की रिपोर्ट प्रतिदिन लेंगे। इसी प्रकार तमाम पदाधिकारियों को अलग-अलग संस्थानों की जिम्मेदारी दी गयी है। 

हर समूह में एक-एक सहयोग और डाटा इंट्री ऑपरेटर को भी रखा गया है ताकि, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की ओर से जो भी जानकारी दी जा रही है, वह विभाग में अंकित भी होता रहे। कॉलेजों के प्राचार्य स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे और तमाम जानकारी देंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस व्यवस्था से कॉलेजों और विश्वविद्यलयों में पठन पाठन का माहौल बनेगा और बिहार के छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। फिलहाल, लेट सेशन और कॉलेजों में क्लास नहीं होना बिहार के विश्वविद्यालयों की बड़ी समस्या है जिसे पटरी पर लाने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें