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वेटिकन सिटी, अयोध्या, मक्का की तरह बन सकता है बिहार का गया; दशकों बाद नहीं बदली सूरत

गया में हर साल पितृपक्ष कल में पिंडदान करने विश्व के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं। लेकिन आज भी गया अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए जूझ रहा है। 5 दशक से भी ज्यादा समय से गया लोकसभा सुरक्षित क्षेत्र है।

वेटिकन सिटी, अयोध्या, मक्का की तरह  बन सकता है बिहार का गया; दशकों बाद नहीं बदली सूरत
Sudhir Kumarसुभाष पाठक,गयाThu, 11 Apr 2024 07:20 PM
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लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में गया लोकसभा क्षेत्र में चुनाव होने वाले हैं। 19 अप्रैल को मतदान होना है। बिहार के इंटरनेशनल सिटी के रूप में विख्यात गयाजी आज भी विकास की बाट जोह रहा है। फल्गु नदी के तट पर स्थित इस शहर में वेटिकन सिटी, अयोध्या और मक्का मदीना जैसे अंतरराष्ट्रीय  टूरिस्ट डेस्टिनेशन होने की क्षमता है। इस शहर के सर्वांगीण विकास के लिए चुनाव दर चुनाव वादे किए जाते रहे लेकिन आज भी पुअर  इंफ्रास्ट्रक्चर,  टूटी फूटी सड़कें जहां तहां अतिक्रमण और जातियों में बंटै समाज, यही गयाजी की हकीकत है। 

साल 1865 में स्थापित बौद्ध धर्म का अंतरराष्ट्रीय केंद्र गयाजी अपने महाबोधि मंदिर, प्राचीन विष्णुपद मंदिर के लिए विश्व भर में विख्यात है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु हर साल पूरी दुनिया से यहां आते हैं। भगवान बुद्ध को यहीं ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। हर साल पितृपक्ष कल में  पिंडदान करने विश्व के कोने-कोने से लोग यहां आते हैं। लेकिन आज भी गया अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए जूझ रहा है। 5 दशक से  भी ज्यादा समय से गया लोकसभा सुरक्षित क्षेत्र है।  लेकिन पिछड़ेपन की लड़ाई  अभी तक जीत नहीं पाया है। 

स्थानीय मोहित पासवान का कहना है कि पिछले 10 साल में यहां कोई काम नहीं हुआ। विकास के नाम पर खानापूर्ति हुई। थोड़ा बहुत काम हुआ उससे गरीब तबका लाभान्वित नहीं हो सका जबकि सुरक्षित लोकसभा गया में 30% से ज्यादा मतदाता दलित या महादलित श्रेणी के हैं। यहां के जनप्रतिनिधियों ने हमेशा उनकी उपेक्षा की। इंटरनेशनल सिटी होने के बावजूद बेरोजगारी यहां बड़ी समस्या है। किसानों को उनकी फसलों का उचित रिटर्न नहीं मिल रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गया में एनडीए कैंडिडेट के रूप में बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व कृषि मंत्री सर्वजीत कुमार के बीच सीधी लड़ाई है।  यह भी माना जा रहा है कि हार जीत में मोदी मैजिक का फैक्टर काम करेगा। मोदी का जादू चल गया तो जीतनराम मांझी की जीत होगी। नहीं चला तो अपने पिता राजेश कुमार की तरह सर्वजीत कुमार भी जीतनराम मांझी को परास्त कर देंगे। 1991 में जीतनराम मांझी राजेश कुमार से गया की लड़ाई हार गए थे।

गया बिहार का एक महत्वपूर्ण ट्रेफिक जंक्शन है। यहां से बंगाल, झारखंड और देश की राजधानी दिल्ली के लिए सीधी सड़क और रेल की कनेक्टिविटी है। 2 साल से गया एयर मैप पर भी गया आ गया है। हालांकि विमान सेवा सीजनल है। गया स्टेशन पर यात्रियों के लिए आज भी आवश्यक नागरिक सुविधाओं का घोर अभाव है। गया से पटना को जोड़ने के लिए बन रहे नेशनल हाईवे 83 का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस रोड को एक्सप्रेसवे बनाने के लिए एनएचएआई ने 2014 में आइएलएफएस इंजीनियरिंग को ठेका दिया था। तब प्रोजेक्ट की लागत 1232 करोड़ थी। लेकिन 2018 में  कंपनी लगभग 80% अधूरा काम छोड़कर भाग गई। बाद में एनएचएआई ने 2019 में इसी प्रोजेक्ट रिटेंडर किया और प्रोजेक्ट का कॉस्ट 2015 करोड़ हो गया। 5 साल बीतने के बाद भी अभी तक यह सड़क बनकर तैयार नहीं हुआ है।

साल 2002 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा गया में विमान सेवा की शुरुआत की गई लेकिन गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट होने के बावजूद यहां सीजनल विमान सेवाएं ही सुलभ हो पाती हैं खासकर बौद्ध धर्म मानने वाले देशों जैसे थाईलैंड, वियतनाम, भूटान, श्रीलंका से श्रद्धालु फेस्टिव सीजन में गया आते हैं।

स्थानीय सब्जी विक्रेता तारकेश्वर ने बताया कि धार्मिक स्थान वाले इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर और  ब्यूटीफिकेशन के कुछ काम हुए हैं।  लेकिन इसे गया का विकास नहीं कहा जा सकता। महंगाई चरम पर है और बेरोजगारी भी बहुत बढ़ गई है। अयोध्या में राम मंदिर और धारा370 के हट जाने से बेरोजगारी की समस्या का हल नहीं हो सकता। इसके लिए सरकारों को काम करना होगा। वही मगध यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर का कहना है कि दो बार हार चुके जीतन मांझी तीसरी बार मोदी लहर में जीत सकते हैं। एक बार नरेंद्र मोदी गया में रैली करते हैं तो जीत पक्की हो जाएगी।  दूसरी तरफ समरेश कुशवाहा नमक स्थानीय व्यक्ति का कहना है कि पासवान समाज से आने वाले सर्वजीत कुमार अपने पिता राजेश कुमार का इतिहास दोहराएंगे।  वह मांझी को हराने में कामयाब होंगे क्योंकि यादव और पासवान मुसलमान के साथ मिलकर बड़ा वोट बैंक तैयार करते हैं जिसका फायदा सर्वजीत कुमार को मिल सकता है। वहीं बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार सुषमा कुमारी का दावा है कि गया के रविदास कम्युनिटी का वोट उन्हें मिलेगा।

गया टाउन के विधायक और भाजपा नेता प्रेम कुमार का मानना है कि भाजपा के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों को डोर टू डोर ले जा रहे हैं। उनमें जागरूकता फैलाई जा रही है। केंद्र सरकार के प्रयास से गया से पटना तक फोरलेन का निर्माण कल जल्द पूरा हो जाएगा। 300 करोड़ की लागत से गया जंक्शन का ब्यूटीफिकेशन कराया जा रहा है। वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस, गया में फाइव स्टार होटल बोधगया के धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण, भारत दर्शन योजना के अंतर्गत प्रेतशिला पर रोपवे का निर्माण, ऐसे कार्य हैं जो एनडीए उम्मीदवार को जीत दिलाएंगे।