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Hindi News बिहारसाइबर फ्रॉड का बिहार टू सिंगापुर कनेक्शन; 150 फर्जी खातों में 357 करोड़ लेन देन; मनी ट्रेल सुलझा रही CBI

साइबर फ्रॉड का बिहार टू सिंगापुर कनेक्शन; 150 फर्जी खातों में 357 करोड़ लेन देन; मनी ट्रेल सुलझा रही CBI

इन खातों से ही जुड़ी 137 फर्जी या खोखा कंपनियां भी सामने आईं हैं, जिनके खातों में भी पैसे डालकर कई दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। 357 करोड़ का लेन देन अबतक की जांच में उजागर हुआ है।

साइबर फ्रॉड का बिहार टू सिंगापुर कनेक्शन; 150 फर्जी खातों में 357 करोड़ लेन देन; मनी ट्रेल  सुलझा रही CBI
Sudhir Kumarकौशिक रंजन,पटनाSun, 22 Oct 2023 10:30 AM
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बिहार में तेजी से फैल रहे साइबर अपराधी देश के कई राज्यों के साथ ही दूसरे देशों के लोगों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। सिंगापुर के कई लोगों से साइबर फ्रॉर्ड के माध्यम से ठगी गई राशि को यहां के फर्जी खातों में जमा करायी गई है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। 150 से अधिक ऐसे संदिग्ध बैंक खाते सामने आए हैं, जिनमें साइबर ठगी से एकत्र रुपये को जमा कराकर हेराफेरी की गई है। 

बड़ी संख्या में ऐसे बैंक खाते बिहार में पटना समेत अन्य स्थानों के पते पर भी खोले गए हैं। इन सभी बैंक खातों का मनी ट्रेल (वित्तीय लेन-देन) इतना अधिक उलझा हुआ है कि इसकी तह तक पहुंचने में जांच एजेंसी को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इन खातों से ही जुड़ी 137 फर्जी या खोखा कंपनियां भी सामने आईं हैं, जिनके खातों में भी पैसे डालकर कई दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। अब तक की जांच में साइबर फ्रॉर्ड के इस पूरे रैकेट में 16 मुख्य बैंक खातों का पता चला है, जिनमें सबसे ज्यादा ठगी के 357 करोड़ रुपये डाले गए। 

सिंगापुर के 400 लोग बने शिकार

इस मामले की गहन तफ्तीश जारी है। इसमें कई स्तर पर खुलासा होने की संभावना है। बड़ी संख्या में ठगी से मिली राशि को क्रिप्टो करेंसी में भी बदल देने के प्रमाण मिले हैं। जांच के दौरान यह पता चला कि सिंगापुर के करीब 400 नागरिकों को निशाना बनाकर उनसे विभिन्न सोशल साइट्स के माध्यम से ठगी की गई थी। 

इन तकनीकों का इस्तेमाल

ठगी के लिए विभिन्न तरह की साइबर तकनीकों मसलन फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग समेत अन्य का उपयोग किया गया। इन पैसों को भी यहां के संदिग्धों द्वारा 150 खातों में ट्रांसफर करके कई माध्यम से होते हुए अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाये गये। जिन खोखा कंपनियों का उपयोग इसमें हुआ है, उन्हें बेंगलुरु, कोच्चि और गुड़गांव के फर्जी पते पर खोले गए थे। इस पूरे मामले की जांच में इंटरपोल की भी खासतौर से मदद ली जा रही है।

ऐसे हो रहा साइबर फ्राड

ऑनलाइन नौकरी देने, एप से लोन, कई तरह के ऑफर, ऑनलाइन चिट फंड कंपनी में निवेश कर कम समय में दोगुना या इससे अधिक रिटर्न देने का झांसा देकर, मल्टी लेवर मार्केटिंग, एसएमएस पर लिंक के जरिए समेत अन्य कई तरीकों से ठगी की गई है।

11 राज्यों के 111 ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी

इसकी छानबीन के लिए सीबीआई के स्तर से चलाए गए ऑपरेशन चक्रा-2 के तहत पिछले दो दिनों के दौरान 11 राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग शहरों के 111 ठिकानों पर छपेमारी हो चुकी है। इसमें पटना में आधा दर्जन से अधिक स्थान शामिल हैं।

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