
बिहार के लाल ईशान ने किया डबल धमाल, झूम उठा प्रदेश; परिवार में जश्न
ईशान किशन अपने पिता का जन्मदिन मनाने 28 नवंबर को पटना आए थे। अपने मित्रों, परिजनों एवं रिश्तेदारों के साथ पिता का जन्मदिन मनाया। मां सुचित्रा सिंह से शुक्रवार को ईशान की बात हुई थी।
बिहार के लाल ईशान किशन के कमाल पर पूरा पटना खुशी से झूम उठा है। वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक बनाने की खुशी देर शाम तक मनाई जाती रही। आशियाना रोड के बसंत विहार कॉलोनी स्थित ईशान के आवास पर जश्न का माहौल रहा। आस-पड़ोस के साथ ही रिश्तेदार व दूरदराज से लोग बधाई देने और मुंह मीठा कराने पहुंचते रहे। लंबे समय बाद रोहित शर्मा की जगह टीम में शामिल किए गए ईशान पर पटनावासियों की नजरें सुबह से ही टिकी हुई थीं।
क्रिकेट प्रेमी बिहार के लाल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठे थे। सभी टीवी पर नजरें टिकाए रहे। ईशान ने उन्हें निराश भी नहीं किया। ईशान ने विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया। दोपहर करीब एक बजे सबसे तेज दोहरा शतक का रिकॉर्ड बनते ही परिजनों के साथ ही पटनावासी झूम उठे और जश्न मनाने लगे। मोइनुल हक स्टेडियम, ऊर्जा स्टेडियम में खिलाड़ियों ने जश्न मनाया। जगह-जगह क्रिकेट प्रेमी ईशान के रिकॉर्ड की चर्चा करते रहे।
मां से लिया आशीर्वाद और ठोक दिया दोहरा शतक
ईशान किशन अपने पिता का जन्मदिन मनाने 28 नवंबर को पटना आए थे। अपने मित्रों, परिजनों एवं रिश्तेदारों के साथ पिता का जन्मदिन मनाया। मां सुचित्रा सिंह से शुक्रवार को ईशान की बात हुई थी। उन्होंने मैच को लेकर मां से आशीर्वाद मांगा था। मां से कहा था कि प्रैक्टिस करने जा रहा हूं, कल मैच है, अच्छे से खेलना है। पिता प्रणव पांडेय ने कहा कि मैच खेलने से पहले आशीर्वाद लिया था। मैंने कहा था- अच्छे से खेलो और बिहार के साथ-साथ देश का नाम रोशन करो।
बेटे ने मेरा ही नहीं पूरे बिहार का मान बढ़ाया : पिता
सबसे तेज दोहरा शतक का रिकॉर्ड बनाने की खुशी ईशान के माता-पिता के चेहरे पर साफ दिख रही थी। बसंत विहार कॉलोनी स्थित आवास पर उनके पिता प्रणव कुमार पांडेय और माता सुचित्रा सिंह रहती हैं। मैच शुरू होने के बाद से ही दोनों अपने बेटे को बल्लेबाजी देखने टीवी के सामने बैठ गए। दोहरा शतक के बाद उनके पिता प्रणव कुमार पांडे तिहरा शतक की उम्मीद में हाथ जोड़ ईश्वर से प्रार्थना करते रहे।
खुशी साझा करते हुए प्रणव कहते हैं कि मुझे गर्व महसूस हो रहा है। ईशान ने पूरे बिहार का मान बढ़ाया है। कहा कि ईशान मैदान पर उतरने के साथ ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने लगा, जिस कारण उन्हें डर भी लग रहा था। वे मन ही मन कह रहे थे कि आराम से खेलो ज्यादा तेज खेलने की जरूरत नहीं है। जब दोहरा शतक मारा, तो लगभग 15 ओवर बाकी थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा तिहरा शतक मारेगा। लेकिन तेज खेलने के चक्कर में बाउंड्री पर कैच थमा बैठा। बेटे द्वारा इतिहास रचने से काफी खुश हैं। बात करते-करते ईशान की मां सुचित्रा सिंह की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। बेटे के खेल से इतना खुश हैं कि उसे इजहार करने का उनके पास शब्द नहीं है।
12 वर्ष की उम्र में भेज दिया था रांची
उनके पिता ने बेटे के संघर्ष की कहानी बताते हुए कहा कि किशन के स्कूल के कुछ सीनियर छात्र उनके पास आकर कहे की किशन अच्छा क्रिकेट खेलता है। बिहार में कोई अवसर नहीं है। इस कारण इसे रांची भेज दीजिए। जिसके बाद लगभग 12-13 वर्ष की उम्र में उसे क्रिकेट खेलने के लिए रांची भेज दिया। जहां कोच अजय नारायण शर्मा के निर्देशन में वह क्रिकेट खेलता रहा। कई बार वह कुरकुरे-चिप्स खाकर दिनभर प्रैक्टिस करते रहता था। इतना ही नहीं बस और ट्रेन से अकेले ही रांची से पटना आता था। बचपन से ही उसे क्रिकेट खेलने का शौक था। वह उस समय से क्रिकेट खेलता है, जब उसके नाप का पैड भी नहीं मिलता था। क्रिकेट उसे गॉड गिफ्ट में मिला है। ईशान किशन दो भाई हैं। उनके बड़े भाई डॉ. राजकिशन मास्टर ऑफ सर्जरी कर रहे हैं, जबकि उनकी भाभी डॉ. पल्लवी मास्टर ऑफ गायनी कर रही हैं।
पटना आने पर बांटते हैं क्रिकेट किट
उनके बचपन के मित्र बेगूसराय निवासी रौनक कुमार ने बताया कि खेल में ज्यादा रुचि होने के कारण वह मैच खेलने के लिए इधर-उधर जाते रहते थे। जिस कारण नियमित तौर पर स्कूल नहीं जा पाते थे। कई बार स्कूल प्रबंधन ने उनके पिता को बुलाकर कहा कि अपने बेटे को यहां से हटा लीजिए। इसी कारण किशन डीपीएस में आठवीं तक की ही पढ़ाई की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईशान किशन जब भी पटना आता है, क्रिकेट किट जमा कर लाता है। क्रिकेट खेलने वाले युवक और कुछ संस्थान के कोच को वह वितरण कर देता है, ताकि उनके किट से किसी का भविष्य बन सके।
मूल रूप से औरंगाबाद के हैं रहने वाले
ईशान किशन मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर प्रखंड के गोडीहा के निवासी हैं। किशन के जन्म के पहले से ही उनके पिता पटना शिफ्ट कर गए। किशन का जन्म 18 जुलाई 1998 को पटना में हुआ था। इसके बाद उनकी प्रारंभिक शिक्षा पटना डीपीएस से प्रारंभ हुई। इसके बाद पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इंटर की पढ़ाई की।
126 गेंदों में दोहरा शतक
बल्लेबाज और विकेट कीपर ईशान किशन को पहली बार बांग्लादेश के खिलाफ खेलने का मौका मिला क्योंकि रोहित शर्मा गैर-मौजूदगी रहे। उनकी जगह खेलने के मौके का पूरा फायदा उठाते हुए ईशान ने 85 गेंदों पर शतक पूरा कर लिया। उसके बाद 24 साल के युवा खिलाड़ी ईशान की रफ्तार और तेज हो गई। लगातार चौके-छक्कों की बरसात करते हुए ईशान किशन ने 126 गेंदों में दोहरा शतक भी पूरा कर दिया। इसमें ईशान का साथ विराट कोहली ने दिया। विराट ने ईशान के साथ मिलकर 290 रन की विशाल साझेदारी खड़ी कर दी। दोहरा शतक पूरा होते ही विराट ने ईशान को गले लगा लिया।





