DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुजफ्फरपुर कांड: बालिका गृह में रोज रात रेप से पहले लड़कियों को दी जाती थी नशीली दवाएं-पुलिस

Political parties protest against the Bihar shelter home case during the ongoing Monsoon Session at

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिक गृह में बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले में जांचकर्ताओं के सामने बेहद चौंकानेवाली चीजें सामने आ रही हैं। जांचकर्ताओँ का ऐसा मानना है कि लड़कियों का यौन शोषण करने से पहले रोज उन लड़कियों को नशीली दवाएं दी जाती थी। 

जांचकर्ताओं का यह अनुमान पटना मेडिकल कॉलेज हस्पीटल (पीएमसीएच) की तरफ से किए गए निरीक्षण के वक्त 29 लड़कियों की तरफ से किए सनसनीखेज खुलासे के बाद किया गया है। पूछताछ के दौरान डॉक्टरों के सामने लड़कियों ने बताया कि दीदी (बालिका गृह के प्रबंधन का काम देखनेवाली) रोज डिनर के बाद उन्हें टैबलेट खाने के लिए देती थी।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, उन लड़कियों ने बताया कि जैसे ही वह रात को सोने के लिए जाती थी उनके सामने कठिन परीक्षा की घड़ी शुरू हो जाती थी। उसके बाद वे फौरन पेट दर्द या फिर अन्य जगहों पर दर्द के बाद उठ जाती थी। हालांकि, डॉक्टरों ने उन दवाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि लड़कियां उन दवाओँ का नाम नहीं जानती है। 

सीबीआई ने अपने हाथ में ली जांच

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बालिका गृह में बच्चियों से कथित उत्पीड़न मामले में सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। सीबीआई ने बालिका गृह के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड: छापे में मिली 63 किस्म की दवाएं

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘आरोप है कि सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित बालिका गृह के अधिकारियों/कर्मचारियों ने यहां रह रही बालिकाओं का मानसिक, शारीरिक एवं यौन उत्पीड़न किया। मामला तब सामने आया, जब इस साल के शुरू में मुंबई स्थित एक संस्थान द्वारा किए गए बालिका गृह के सोशल ऑडिट के आधार पर बिहार सामाजिक कल्याण विभाग ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि बालिका गृह में कई लड़कियों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है। शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। मुजफ्फरपुर में बालिका गृह चलाने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) को कालीसूची में डाल दिया गया है और लड़कियों को पटना एवं मधुबनी के बालिका गृहों में स्थानांतरित कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस ने मामले में बालिका गृह की महिला कर्मचारियों और एनजीओ चलाने वाले ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार किया है।
     
सीबीआई ने एफआईआर की कॉपी कब्जे में ली 
सीबीआई के एक अधिकारी ने मामले में दर्ज एफआईआर की कॉपी स्थानीय पुलिस से ली। महिला थाना अध्यक्ष ज्योति कुमारी ने बताया कि सीबीआई के एक अधिकारी उनसे बालिका गृह कांड की एफआईआर की कॉपी के अलावा कुछ अन्य जानकारी हासिल किए हैं। सीबीआई अधिकारी ने अब तक मिले साक्ष्य और केस के अनुसंधान की जानकारी भी ली। मालूम हो कि बालिका गृह कांड के खिलाफ मुजफ्फरपुर महिला थाने में पहले से एफआईआर दर्ज है। मुजफ्फरपुर पुलिस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। 

ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड:42 लड़कियों की जुबानी-सर करते थे 'गंदा' काम
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Bihar shelter home girls may have been sedated before being raped every night say Police