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बिहार: कटिहार में PFI की ओर से लगाए बाबरी मस्जिद से जुड़े विवादित पोस्टर पर बवाल, अलर्ट पर पुलिस

बिहार के कटिहार जिला प्रशासन में उस वक्त हड़कंप की स्थिति मच गई जब कलक्ट्रेट के गेट समेत अन्य जगहों पर बाबरी मस्जिद  (Babri Masjid) से जुड़े कुछ विवादास्पद पोस्टर देखे गए। पोपुलर फ्रंट (Popular...

बिहार: कटिहार में PFI की ओर से लगाए बाबरी मस्जिद से जुड़े विवादित पोस्टर पर बवाल, अलर्ट पर पुलिस
कटिहार, निज संवाददाताSun, 06 Dec 2020 11:27 AM
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बिहार के कटिहार जिला प्रशासन में उस वक्त हड़कंप की स्थिति मच गई जब कलक्ट्रेट के गेट समेत अन्य जगहों पर बाबरी मस्जिद  (Babri Masjid) से जुड़े कुछ विवादास्पद पोस्टर देखे गए। पोपुलर फ्रंट (Popular Front) के नाम से लगाए गए इस पोस्टर में लिखा है कि - 'एक दिन बाबरी का उदय होगा। छह दिसंबर 1992 कहीं हम भूल न जायें।'
 
पोपुलर फ्रंट नामक संस्था के नाम से पोस्टर में दिल्ली का पता दिया हुआ है। स्थानीय लोगों ने पोस्टर देखने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। इस संबंध में एसपी विकास कुमार ने कहा पोस्टर चिपकाने से संबंधित सूचना मिली है। मामले की जांच की जा रही है। मामला विवादास्पद प्रतीत होने पर संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अलर्ट है।

आपको बता दें कि 1992 में छह दिसंबर के दिन अयोध्‍या में बाबरी मस्जिद के विवादित ढ़ांचा को गिराया गया था। साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब यहां राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। 

दो दिन पहले दरभंगा और पूर्णिया में पीएफआई के ठिकाने पर ईडी की छापेमारी
आपको बता दें कि दो दिन पहले गुरुवार को दरभंगा और पूर्णिया में एक साथ ईडी ने छापेमारी की। दरभंगा जिले में सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया के बिहार के जनरल सेक्रेटरी मो. सनाउल्लाह के घर पर छापेमारी की।  टीम ने विदेशी फंडिंग को लेकर मो. सनाउल्लाह के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पूरी कार्रवाई के बारे में टीम के अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इनकार किया। डीएम डॉ. त्यागराजन और एसएसपी बाबू राम ने भी इस मामले से अनभिज्ञता जतायी है। सूत्रों के अनुसार, सीएए-एनआरसी के खिलाफ पिछले दिनों किये गए विरोध प्रदर्शन के दौरान विदेशी फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने मो. सनाउल्लाह के परिजनों से पूछताछ की। मालूम हो कि प्रखंड के भरवाड़ा खान चौक के पास भी सीएए-एनआरसी के खिलाफ महीनों तक धरना-प्रदर्शन किया गया था।

पूर्णिया में ईडी की टीम ने की आठ घंटे छापेमारी
वहीं पूर्णिया के केहाट सहायक थाना क्षेत्र के लाइन बाजार राजाबरी चौक स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई ) के कार्यालय में गुरुवार को आठ घंटे से अधिक समय तक ईडी की चार सदस्य टीम ने छापेमारी की। इस दौरान उनके साथ केहाट सहायक थाना की पुलिस भी मौजूद थी। छापेमारी की सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोगों की भीड़ कार्यालय के आगे जुट गई और टीम के वापस जाने को लेकर हंगामा करने लगी। हालांकि ईडी की टीम मुख्य गेट में ताला जड़कर छापेमारी करती रही। टीम ने कार्यालय के एक-एक कागजात को खंगाला और शाम के करीब छह बजे टीम के सदस्य कार्यालय के कई महत्वपूर्ण कागजात को साथ लेकर गई है। 

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर हिंसा तथा सीएए कानून लागू होने के विरोध में फंडिंग का  आरोप
बताया जाता है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा तथा सीएए कानून लागू होने के विरोध में फंडिंग का भी आरोप है। ईडी की टीम ने पीएफआई के प्रदेश बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम से भी छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की है। टीम बैंक खाते, छात्रों को दी गई स्कॉलरशिप के कागजात के अलावा कई अन्य कागजात भी साथ ले गई है। ईडी की टीम ने पीएफआई के पूर्णिया संगठन के अलावा को लेकर भी विस्तृत जानकारी लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष से ली है। इसके अलावा उनकी टीम में कौन-कौन लोग शामिल हैं,  उनके परिवार में कौन लोग हैं,  वह कब से संगठन से जुड़े हैं और उनकी आय का स्रोत क्या है, यह जानकारी भी प्रदेश अध्यक्ष से ली है। इस संबंध में महबूब आलम ने बताया कि ईडी की टीम को उन्होंने जांच में सहयोग किया और जो भी जानकारी मांगी, उन्होंने दी।

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