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बिहारबिहार पंचायत चुनाव: बढ़ी मुखिया और वार्ड सदस्यों की परेशानी, ये टास्क नहीं किया पूरा तो हो जाएंगे अयोग्य

लाइव हिंदुस्तान,पटनाPublished By: Sneha Baluni
Sun, 28 Mar 2021 08:45 PM
बिहार पंचायत चुनाव: बढ़ी मुखिया और वार्ड सदस्यों की परेशानी, ये टास्क नहीं किया पूरा तो हो जाएंगे अयोग्य

बिहार में पंचायत चुनाव में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को दोबारा चुनाव लड़ने की योग्यता पूरी करने के लिए केवल तीन दिन बचे हैं। ग्राम पंचायतों के मुखिया और वार्ड सदस्यों के लिए 31 मार्च की समयसीमा काफी अहम है। पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट कहा है कि जिन पंचायतों के मुखिया या वार्ड सदस्यों द्वारा 31 मार्च तक ग्राम पंचायतों को दी गई राशि की ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं की जाएगी उन्हें अगले पंचायत चुनाव तक अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

इसी तरह का निर्देश ग्रामीण नल जल योजना और पक्की गली नाली योजना को पूरा नहीं करने वाले वार्ड सदस्यों और पंचों को लेकर भी दिया गया है। जिन वार्डों का काम पूरा नहीं होगा वहां के जनप्रतिनिधियों को चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत पक्की गली-नाली योजना और हर घर तक नल का जल उपलब्ध कराने की राशि दी गई है। पंचायतों को पांच सालों तक यह राशि दी गई है। 

विभाग को अबतक पंचायतों को दी गई 25 हजार करोड़ की उपयोगिता के प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं। ग्राम पंचायतों में पक्की गली-नाली और हर घर नल का जल योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी वार्ड विकास एवं प्रबंधन कमेटी को सौंपी गई थी। इस कमेटी का अध्यक्ष वार्ड सदस्य को जबकि उपाध्यक्ष का पद संबंधित वार्ड से निर्वाचित ग्राम कचहरी के पंच को बनाया गया है। 

बता दें कि राज्य में एक लाख 14 हजार वार्ड हैं। पंचायती राज विभाग के पास 56 हजार से अधिक वार्डों में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी है। जबकि बाकी बचे हुए वार्डों की जिम्मेदारी पीएचइडी को सौंपी गई है। विभाग योजनाओं की समीक्षा में जुटा है।

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