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Bihar Panchayat Chunav: नामांकन के दौरान आदर्श आचार संहिता की खिल्ली उड़ा रहे उम्मीदवार, मूकदर्शक बने हैं पदाधिकारी 

निज संवाददाता,बक्सरPublished By: Sneha Baluni
Wed, 22 Sep 2021 12:54 PM
Bihar Panchayat Chunav: नामांकन के दौरान आदर्श आचार संहिता की खिल्ली उड़ा रहे उम्मीदवार, मूकदर्शक बने हैं पदाधिकारी 

पंचायत आम निर्वाचन को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू है। चुनावी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। राजपुर प्रखंड में होने वाले द्वितीय चरण के चुनाव के लिए प्रत्याशी प्रचार तेज कर दिए हैं। वही तृतीय चरण में डुमरांव में होने वाले चुनाव हेतु नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। परंतु जिन प्रखंडों में अभी नामांकन नहीं हुए हैं उस क्षेत्र की पंचायतों में भी लड़ाके जन संपर्क अभियान जारी रखे हुए हैं। 

चुनाव प्रचार की इस होड़ में अभ्यर्थी आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आलम यह है कि नामांकन में बेतहाशा भीड़ जुटाने से लेकर भोज कराने से बाज नहीं आ रहे हैं। हद तो यह है कि दीवारों पर होर्डिंग और पोस्टर भी चस्पा दिए हैं। नामांकन शुरू नहीं होने के बावजूद इटाढ़ी प्रखंड की कई पंचायतों में आदर्श आचार संहिता की खिल्ली का खेल सरेआम देखा जा सकता है। परंतु संबंधित पदाधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। नतीजा यह है कि इस क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता का कोई मायने ही नहीं रह गया है। 

प्रत्याशियों के नजदीकी रिश्तेदार कर रहे प्रचार

इस पंचायत चुनाव में बहुतेरे सरकारी कर्मी काफी दिलचस्पी ले रहे हैं। इनमें शिक्षकों की तादाद काफी है। शिक्षकों के इस खेल का शिकार तकरीबन हर पंचायत हैं। क्योंकि ‘गुरुजी’ की बदौलत उनके भाई, भतीजा, भाभी अथवा परिवार के अन्य सदस्य चुनावी दंगल में जोर आजमाइश कर रहे हैं। 

अपने भाई, भाभी के प्रचार में मास्टर साहब भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं तथा आदर्श आचार संहिता को ठेंगा दिखाते हुए पढ़ाई के बदले वोट की सेटिंग कर रहे हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के गांवों में रात भी गुजार रहे हैं तथा परिजन की जीत पक्की करने के लिए वोट जुटाने हेतु हर तरकीब आजमा रहे हैं। 

प्रशासन की खुली छूट

लोगों का आरोप है कि उम्मीदवार अथवा उनके परिवार के सरकारी कर्मियों को प्रशासन आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने को खुली छूट दे रखा है। जिसकारण बगैर हिचक वे गैर कानूनी कारनामों से बाज नहीं आ रहे हैं। अजय कुमार ने कहा कि शिक्षक अथवा सरकारी कर्मी चुनाव को काफी प्रभावित कर रहे हैं। 

ऐसे में, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तथा मतदान से चार-पांच दिन पूर्व संबंधित क्षेत्र से हटाना काफी जरूरी है। वही उम्मीदवारों द्वारा नामांकन के दौरान खुलेयाम भोज व पार्टी देने के मामले में भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है, जबकि पदाधिकारियों के नाक तले प्रखंड मुख्यालय व आसपास खुलेयाम पार्टी दी जा रही है।

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