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नियोजित शिक्षकों को अब 5 बार सक्षमता परीक्षा का मौका, 3 ऑनलाइन और 2 लिखित परीक्षा दे सकेंगे

बिहार के करीब पौने चार लाख नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए पांच बार सक्षमता परीक्षा देनी होगी। नियोजित शिक्षकों को तीन बार ऑनलाइन और दो बार ऑफलाइन सक्षमता परीक्षा देनी होगी।

नियोजित शिक्षकों को अब 5 बार सक्षमता परीक्षा का मौका, 3 ऑनलाइन और 2 लिखित परीक्षा दे सकेंगे
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाFri, 16 Feb 2024 09:39 AM
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा के लिए पांच मौका देने पर सहमति दे दी है। इसमें तीन ऑनलाइन और दो ऑफलाइन परीक्षाएं होंगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करीब साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों के लिए दो और मौके पर मुहर लगा दी। सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण होने के लिए इनके पास दो बार ऑफलाइन (लिखित) जबकि तीन बार ऑनलाइन परीक्षा में बैठने का अवसर होगा। किसी एक परीक्षा में पास होने पर इन्हें राज्यकर्मी का दर्जा मिल जाएगा। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रेस बयान जारी कर मुख्यमंत्री की सहमति की जानकारी दी। 

इससे पहले शिक्षा विभाग ने कहा था कि नियोजित शिक्षकों की तीन बार ऑनलाइन परीक्षाएं ली जाएंगी। विभाग द्वारा गठित कमेटी ने अनुशंसा की थी कि तीनों बार अनुत्तीर्ण रहने वालों की सेवा समाप्त की जाएगी। इसके विरोध में नियोजित शिक्षकों ने आंदोलन शुरू कर दिया। 13 फरवरी को विधानसभा घेराव का एलान कर दिया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सक्षमता परीक्षा पास नहीं करने पर किसी की नौकरी पर खतरा नहीं आएगा। सरकार ने अभी इस पर निर्णय नहीं लिया है। फिर भी आंदोलन जारी रहा। 

उन्होंने बताया कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनने के लिए सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करना है। अभी तक इसके लिए तीन ऑनलाइन परीक्षा का प्रावधान है। शिक्षकों की तरफ से लगातार मांग की जा रही थी कि ऑनलाइन परीक्षाओं के साथ ऑफलाइन (लिखित) परीक्षा हो, अन्यथा पुराने शिक्षकों को कठिनाई होगी। मुख्यमंत्री ने इनकी परेशानी को देखते हुए उक्त निर्णय लिया है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे धैर्य रखें और किसी बहकावे में नहीं आएं। कुछ लोग अपना हित साधने के लिए उन्हें उकसा सकते हैं। सरकार उनके हितों का ख्याल रखेगी। हाल के दिनों में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है तथा सुदूर इलाके के विद्यालय भी पूरे समय तक चलते हैं। इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बिहारवासियों का भरोसा बढ़ा है। इसे बरकरार रखने की जरूरत है। 

उधर, इस संबंध में बिहार शिक्षक एकता मंच के संयोजक प्रदीप कुमार पप्पू और मीडिया प्रभारी केशव कुमार ने कहा कि हमलोगों की मांग है कि बिना सक्षमता परीक्षा लिये हुए नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाये। हमलोग पूर्व में दक्षता और पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं।

सक्षमता परीक्षा के लिए अब आवेदन 19 तक करें
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने समक्षता परीक्षा 2024 (प्रथम) के लिए आवेदन करने की तिथि बढ़ा दी है। इस बाबत परीक्षा समिति ने कहा है कि समक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले नियोजित शिक्षक 19 फरवरी तक परीक्षा शुल्क के साथ अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक निर्धारित थी। नियोजित शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन के साथ ही प्रमाण पत्रों का सत्यापन डीपीओ से कराना है। इसके बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड होगा। परीक्षा 26 फरवरी से निर्धारित है। 

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