ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिहारक्या स्पीकर विजय सिन्हा की बलि देकर नीतीश को मनाएगी और बिहार में सरकार बचाएगी बीजेपी ?

क्या स्पीकर विजय सिन्हा की बलि देकर नीतीश को मनाएगी और बिहार में सरकार बचाएगी बीजेपी ?

बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई में चल रही एनडीए सरकार के दो प्रमुख घटक जेडीयू और बीजेपी के रिश्ते सुर्खियों में हैं और अटकल इस बात की है कि नीतीश बीजेपी को छोड़ आरजेडी के साथ जा सकते हैं।

क्या स्पीकर विजय सिन्हा की बलि देकर नीतीश को मनाएगी और बिहार में सरकार बचाएगी बीजेपी ?
Ritesh Vermaलाइव हिन्दुस्तान,पटनाMon, 08 Aug 2022 07:54 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

क्या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बिहार विधानसभा में स्पीकर विजय सिन्हा की बलि देकर नीतीश कुमार की जेडीयू के साथ गठबंधन और राज्य में सरकार बचाएगी? आप कहेंगे क्यों तो जान लीजिए कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड नाराज है। जेडीयू के अध्यक्ष ललन सिंह भी नाराज हैं। इन सारी नाराजगियों का रास्ता बिहार की एनडीए सरकार में सहयोगी और गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी की तरफ जाता है।

इसी नाराजगी के बीच नीतीश कुमार दिल्ली में नीति आयोग की मीटिंग में नहीं गए जिसके बाद तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम और बयानबाजी से अटकल शुरू हो गई कि नीतीश एनडीए और बीजेपी को छोड़कर तेजस्वी यादव के आरजेडी महागठबंधन के साथ सरकार बना सकते हैं और मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। नीतीश की नाराजगी को लेकर अनुमान ही लगाया जा सकता है क्योंकि वो ऐसे मसलों पर खुलकर कभी बोलते नहीं हैं। सबको उनके हाव-भाव, मिलने-जुलने से अंदाजा लगाना पड़ता है। 

बिहार में राजनीतिक हलचल तेज, JDU और BJP गठबंधन टूटने की अटकलें; आखिर क्यों नाराज हैं नीतीश कुमार ?

विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा बीजेपी के विधायक हैं और मार्च के महीने में सीएम नीतीश कुमार से सदन के अंदर उनकी तीखी बहस हो गई थी। विजय सिन्हा लखीसराय से ताल्लुक रखते हैं और वहीं के एक पुलिस केस को लेकर सदन में सवाल-जवाब ने ऐसा रूप ले लिया कि नीतीश ने आपा खो दिया और स्पीकर को भी संविधान की याद दिलाने लगे।

नीतीश तब से विजय सिन्हा को लेकर नाराज हैं। नाराजगी और भी कई चीजों को लेकर है, चाहे वो जाति गणना हो या फिर जनसंख्या नियंत्रण कानून की बात हो, या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा जैसे मसले। लेकिन अगर नीतीश सचमुच नाराज हैं और बीजेपी को बिहार में सरकार बनाने के लिए उन्हें मनाना है तो बीजेपी को कुछ ना कुछ तो सुनना होगा, कुछ समझना होगा, कुछ बलि भी देनी होगी। ऐसे में विजय सिन्हा भी एक मसला हैं जिनसे नीतीश असहज हैं और ऐसा सदन चाहते हैं जिसमें अध्यक्ष के आसन से सरकार पर सवाल ना उठाया जाए।

अश्विनी चौबे बोले- बिहार में एनडीए सरकार बचाने को हर कुर्बानी देगी बीजेपी, नीतीश सीएम हैं, CM रहेंगे

जेडीयू की बीजेपी से नाराजगी आरसीपी सिंह प्रकरण को लेकर पहले से थी और फिर आरसीपी का यह कहना कि बीजेपी को मंत्री के तौर सिर्फ वही पसंद थे, ने और आग भड़का दिया। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के पटना में यह कहने से जेडीयू का दर्द और बढ़ गया गई कि एक दिन सारी पार्टियां खत्म हो जाएंगी और सिर्फ बीजेपी बचेगी।

दीपांकर भट्टाचार्य बोले- 2024 से पहले सीएम बदलेगी भाजपा, बीजेपी को छोड़े जेडीयू तो माले-लेफ्ट नीतीश के साथ

बीजेपी के मोर्चों के संयुक्त सम्मेलन के लिए पटना पहुंचे नेताओं को 200 विधानसभा सीटों पर प्रवास के लिए भेजा गया जिससे जेडीयू को खतरा समझ आया तो ललन सिंह ने भी कह दिया कि जेडीयू भी 243 सीट पर तैयारी कर रही है। कुल मिलाकर गठबंधन में गांठ पर गांठ पड़ रहे हैं। नीतीश इस गांठ को तोड़ेंगे या खोलेंगे, ये बीजेपी के बलिदान पर निर्भर है जिसका जिक्र अश्निनी चौबे ने किया और कहा कि पहले भी त्याग किया है और आगे भी करेंगे, नीतीश सीएम हैं और सीएम रहेंगे।

epaper