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बिहार : नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ से 81.44 लाख लोग प्रभावित

एजेंसी, पटना।Published By: Shivendra Singh
Mon, 17 Aug 2020 05:55 AM
बिहार : नौ नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ से 81.44 लाख लोग प्रभावित

नेपाल और बिहार के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश से राज्य की 9 नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई हैं। वहीं बिहार में जारी बाढ़ से अबतक 16 जिले के 81,44,356 लोग प्रभावित हैं। केंद्रीय जल आयोग की ओर से रविवार को नदियों के दैनिक जलस्तर और बाढ़ पूवार्नुमान के जारी आंकड़े के अनुसार, बिहार में बागमती नदी का जलस्तर चार स्थान पर, बूढ़ी गंडक तीन, घाघरा और कोसी दो-दो तथा पुनपुन, गंडक, अधवारा, महानंदा और परमान नदी का जलस्तर एक-एक स्थान पर खतरे के निशान से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है।

बिहार में बागमती नदी सीतामढ़ी जिले के ढेंग ब्रिज में 10 सेंटीमीटर, मुजफ्फरपुर जिले के रुन्नीसैदपुर में 87 सेंटीमीटर एवं बेनीबाद में 71 सेंटीमीटर, दरभंगा के हायाघाट में 180 सेंटीमीटर तथा बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर सिकंदरपुर में 18 सेंटीमीटर, समस्तीपुर में 40 सेंटीमीटर, रोसड़ा में 185 सेंटीमीटर और खगड़यिा में 67 सेंटीमीटर तथा पुनपुन नदी का जलस्तर पटना जिले के श्रीपालपुर में 120 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।

वहीं, घाघरा दरौली में 47 सेंटीमीटर एवं गंगपुरसिसवन में 32 सेंटीमीटर, गंडक गोपालगंज के डुमरियाघाट में 104 सेंटीमीटर अधवारा समूह दरभंगा के एकमीघाट में 151 सेंटीमीटर, कोसी नदी खगड़िया के बलतारा में 179 सेंटीमीटर, कटिहार के  कुरसेला में आठ सेंटीमीटर, महानंदा नदी झावा में आठ सेंटीमीटर तथा परमान नदी अररिया में खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूवार्नुमान में बताया कि 20 अगस्त तक बिहार के सभी जलग्रहण क्षेत्र में वज्रपात और गरज के  साथ हल्की से साधारण वर्षा होने की संभावना है। इस बीच जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस ने बताया कि गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज में रविवार को 2,12,200 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति स्थिर है। सोन नदी के इंद्रपुरी बराज में 34793 क्यूसेक जलश्राव प्रवाहित हुआ है और इसकी प्रवृत्ति स्थिर है

 बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण तटबंधों पर अत्यधिक दवाब उत्पन्न हुआ, जिसके कारण तटबंध के कई बिन्दुओं पर सीपेज या पाईिंपग की समस्या उत्पन्न हुई, जिसे क्षेत्रीय अभियंताओं द्वारा युद्ध स्तर पर दिन-रात बाढ़ संघषार्त्मक कार्य कर सुरक्षित रखा गया है।

संजीव हंस ने बताया कि मुख्य अभियंता, गोपालगंज परिक्षेत्र के अधीन सारण तटबंध सारण, भैसही पुरैना छरकी, बंधौली शीतलपुर फैजुल्लाहपुर जमींदारी बांध एवं बैकुंठपुर रिटायर्ड लाईन तथा मुख्य अभियंता, मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र के अधीन चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त भाग को छोड़कर शेष राज्य में विभिन्न नदियों पर अवस्थित तटबंध सुरक्षित हैं। इन तटबंधों पर जल संसाधन विभाग द्वारा सतत निगरानी एवं चैकसी बरती जा रही है।

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