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अपहरण मामले में गिरफ्तार पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, पटना कोर्ट ने जारी किया प्रोडक्‍शन वारंट, 2019 में दर्ज हुआ था केस

सुपौल। वरीय संवाददाताPublished By: Malay Ojha
Mon, 14 Jun 2021 09:13 PM
अपहरण मामले में गिरफ्तार पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, पटना कोर्ट ने जारी किया प्रोडक्‍शन वारंट, 2019 में दर्ज हुआ था केस

अपहरण के 32 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार हुए पूर्व सांसद सह जाप सुप्रीमो पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब लगभग तीन साल पुराने एक मामले में पटना की एक अदालत ने वीरपुर जेल प्रशासन को प्रोडक्शन वारंट भेजा है। वीरपुर कारा अधीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले पटना के एसीजेएम कोर्ट से जारी प्रोडक्शन वारंट मिला है। 

पूर्व सांसद अभी इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती हैं। इस वजह से उनकी कोर्ट के सामने वर्चुअल पेशी नहीं हो सकी। वैसे यह कोर्ट का मामला है। इसलिए विशेष कुछ नहीं कहा जा सकता है। उधर, मामले को लेकर जाप कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर निराशा और आक्रोश है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रवक्ता प्रेमचंद ने कहा है कि सरकार अब खुले तौर पर उनके माननीय नेता के खिलाफ साजिश कर रही है। तीन साल पुराने जिस मामले में प्रोडक्शन वारंट भेजा है, इस मामले में उन्हें थाना से ही बेल मिल गई थी। पूर्व सांसद पर 1990 के बाद दर्ज लगभग सभी केस जनआंदोलन और आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े हुए हैं। सभी केस सरकार के इशारे पर दर्ज किये गये थे।

2019 में गर्दनीबाग थाना में दर्ज हुआ था केस
2 दिसंबर 2019 को तत्कालीन कार्यपालक दंडाधिकारी मंजू कुमारी के आवेदन पर गर्दनीबाग थाना में पूर्व सांसद पप्पू यादव सहित अन्य लोगों पर विधि-व्यवस्था और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने का केस दर्ज हुआ था। इसमें आरोप लगाया गया था कि अचानक से दोपहर लगभग डेढ़ बजे 100 से अधिक की संख्या में महिला और पुरुष के साथ धरनास्थल पर पहुंच गये। बिना किसी वैध अनुमति के धरना पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे वहां विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई। अधिकारियों द्वारा बार-बार माइकिंग कर धरना-प्रदर्शन नहीं करने का अनुरोध किया जाता रहा लेकिन प्रदर्शनकारी और उग्र हो जाते। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया।

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