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हिंदी न्यूज़ बिहारBihar News: ओला-उबर की तर्ज पर मिलेंगे कृषि उपकरण, घर बैठे मोबाइल ऐप से किराये पर मंगा सकेंगे ट्रैक्टर समेत अन्य यंत्र

Bihar News: ओला-उबर की तर्ज पर मिलेंगे कृषि उपकरण, घर बैठे मोबाइल ऐप से किराये पर मंगा सकेंगे ट्रैक्टर समेत अन्य यंत्र

बिहार में ओला-उबर की तर्ज पर किसानों को मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन बुकिंग के जरिए घर बैठे ट्रैक्टर समेत अन्य कृषि उपकरण मंगाने की सुविधा मिलेगी।

Bihar News: ओला-उबर की तर्ज पर मिलेंगे कृषि उपकरण, घर बैठे मोबाइल ऐप से किराये पर मंगा सकेंगे ट्रैक्टर समेत अन्य यंत्र
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाSat, 25 Jun 2022 06:40 AM

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बिहार के किसान अब ओला-उबर की तर्ज पर ट्रैक्टर समेत अन्य कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग कर उन्हें किराये पर मंगा सकेंगे। मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना के तहत पहले चरण में 2927 पैक्सों में कृषि संयंत्र बैंक बनाए जा रहे हैं। इसके लिए 439 करोड़ रुपये का फंड जारी हुआ है। अब तक 1803 पैक्सों में यंत्र बैंक बनकर तैयार हो गए हैं।

अभी यह काम ऑफलाइन माध्यम से हो रहा है। मगर जल्द ही चुनिंदा पैक्सों में संयंत्र बैंक बनाकर इन्हें विशेष मोबाइल ऐप से जोड़ा जाएगा। ऐप निर्माण की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। 15 जुलाई तक इसके शुरू होने की संभावना है। ऐप के जरिए कोई भी किसान अपने संबंधित पैक्स में मौजूद कृषि संयंत्र बैंक से ट्रैक्टर, रीपर, हैप्पी सीडर, लैंड लेव समेत अन्य सभी आधुनिक कृषि उपकरणों की बुकिंग कर सकेगा। किसानों को ये उपकरण बेहद किफायती दर से किराये पर मिलेंगे।

सहकारिता विभाग इस योजना का संचालन कर रहा है। इसके दसदूसरे चरण में राज्य के सभी 8463 पैक्सों को जोड़ा जाएगा। इस योजना से सूबे के छोटे और मध्यमवर्गीय किसानों को फायदा होगा। क्योंकि पैसे की कमी के चलते वे महंगे कृषि उपकरण नहीं खरीद पाते हैं। ऐसे में उन्हें घर बैठे ये उपकरण किराये पर मिलने की सुविधा मिल सकेगी।

बुकिंग के बाद किसान को मिलेगा स्लॉट, ऐसे तय होगा किराया

चुनिंदा पैक्सों में जुलाई 2022 से मोबाइल ऐप के जरिए कृषि उपकरणों की बुकिंग शुरू हो जाएगी। बुकिंग करने के बाद किसान को एक टाइम स्लॉट दिया जाएगा, जिसमें वे किराये पर कृषि उपकरण का इस्तेमाल कर सकेंगे। कृषि यंत्र बैंक में मौजूद भी यंत्रों का किराया तय करने के लिए प्रमंडल स्तर पर कमिटी बनी हुई है। इसमें संबंधित पैक्स के अध्यक्ष, संयुक्त निबंधक, सहकारिता पदाधिकारी, क्षेत्र के दो किसान और अन्य सदस्य होंगे। यह कमिटी उपकरणों का किराया तय करेगी। जो किराया निर्धारित होगा, वही किसानों से लिया जाएगा। पैक्स उससे ज्यादा किराया नहीं वसूल सकेगा।
 

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