DA Image
Monday, November 29, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिहारसमस्तीपुर में गाजे-बाजे के साथ निकली कुत्ते की शव यात्रा, मालिक ने कहा- हमारे लिए बहुत लकी था टोनी

समस्तीपुर में गाजे-बाजे के साथ निकली कुत्ते की शव यात्रा, मालिक ने कहा- हमारे लिए बहुत लकी था टोनी

समस्तीपुर हिन्दुस्तान टीमMalay Ojha
Wed, 19 May 2021 12:12 PM
समस्तीपुर में गाजे-बाजे के साथ निकली कुत्ते की शव यात्रा, मालिक ने कहा- हमारे लिए बहुत लकी था टोनी

बिहार के समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड के शेरपुर दियारा निवासी नरेश साह ने अपने कुत्ते की मौत होने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से उसको अंतिम विदाई दे पशु-प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। बैंड-बाजा के बीच टोनी (कुत्ता) की शवयात्रा निकाली गई थी, जिसमे शामिल लोग कुत्ते को मरणोपरांत दिए जा रहे सम्मान के लिए नरेश साह की सराहना कर रहे थे। नरेश साह ने सोनपुर मेला से 12 साल पहले टोनी को अपने घर लाए थे। 

पेशे से ग्रामीण चिकित्सक नरेश कुमार साह बताते हैं कि करीब 12 साल पहले सोनपुर मेला से एक विदेशी नस्ल का कुत्ता खरीद कर लाया था। बचपन से ही उसे बड़े प्यार से पाला था। घर के सदस्यों की तरह रहने वाला टोनी आसपास के लोगों की आंखों का भी तारा था। टोनी की मौत के बाद सबने मिलकर उसे ऐसी विदाई देने की सोची, जो लोगों के लिए प्रेरणा बन सके। टोनी की मौत के बाद उसके लिए अर्थी बनवायी और उसकी अंतिम यात्रा निकाली गयी, जिसमें उससे लगाव रखने वाले बहुत सारे लोग शामिल हुए। गंगा की सहायक वाया नदी किनारे टोनी को दफनाया गया।

नरेश शाह ने बताया कि टोनी मेरे लिए सिर्फ कुत्ता नहीं, बल्कि हमारे परिवार का रक्षक भी था। वह हम सभी के जिंदगी का एक हिस्सा था, जिसने पूरी वफादारी और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। नरेश ने अपने कुत्ते की शव यात्रा के लिए सारे इंतजाम किए। एक ठेले पर उसका शव रखा। शव पर फूल मालाएं और कफन से कुत्ते के शव को लपेट कर रखा। साउंड सिस्टम भी ठेले पर ही लगाया। फिर क्या था, जहां-जहां से ये शव यात्रा निकली, लोग जुड़ते चले गए। नरेश ने बताया कि उसके लिए ये कुत्ता काफी भाग्यशाली था। वो कुत्ता जब से उसके घर आया था, तब से काफी तरक्की हुई।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें