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Hindi News बिहारनशे की गोली देकर रेप होता, सुबह कपड़े खुले मिलते; नेटवर्किंग कांड की पीड़िताओं की खौफनाक आपबीती

नशे की गोली देकर रेप होता, सुबह कपड़े खुले मिलते; नेटवर्किंग कांड की पीड़िताओं की खौफनाक आपबीती

डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग कंपनी में नौकरी के नाम पर लड़कियों से यौन शोषण के मामले में एक और खुलासा हुआ है। रक्सौल से भागी 12 लड़कियों ने उनके साथ हुए खौफनाक कांड की आपबीती सुनाई थी।

नशे की गोली देकर रेप होता, सुबह कपड़े खुले मिलते; नेटवर्किंग कांड की पीड़िताओं की खौफनाक आपबीती
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,मुजफ्फरपुरTue, 25 Jun 2024 09:16 AM
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बिहार में डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग कंपनी में लड़कियों से हैवानियत में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कंपनी में काम करने वाली लड़कियों को रात में नींद की गोली देकर दुष्कर्म किया जाता था। सुबह जब वे जगती थीं तो उनके कपड़े खुले मिलते और शरीर में दर्द महसूस होता था। रक्सौल से भागकर आईं 12 लड़कियों ने रेल पुलिस की काउंसलिंग में यह खौफनाक आपबीती सुनाई। सुर्खियों में रहे रक्सौल के इस मामले को अब महिला संगठन उठा रही हैं। इसके आधार पर वे मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में दर्ज केस की बड़े पैमाने पर न्यायिक जांच कराने की मांग कर रही हैं। महिला संगठनों ने मुजफ्फरपुर एवं पटना में सोमवार को इसको लेकर जुलूस भी निकाला।

रक्सौल थाने में 14 मई को झारखंड के दुमका की किशोरी से यौन शोषण का मामला दर्ज होने के बाद 12 लड़कियां काम छोड़कर वहां से भाग गई थीं। सद्भावना एक्सप्रेस ट्रेन से उतारी गईं रक्सौल से भागी 12 लड़कियों की रेल पुलिस ने 19 मई 2023 को महिला हेल्पलाइन से काउंसलिंग कराई थी। तत्कालीन रेल एसपी कुमार आशीष ने लड़कियों से अपने कार्यालय में भी पूछताछ की थी। अब अहियापुर में इसी तरह का मामला सामने आने के बाद अलग-अलग महिला संगठन और राजनीतिक पार्टियों की महिला इकाई सक्रिय हो गई हैं। संगठनों ने लड़कियों से बड़े पैमाने पर हुई हैवानियत की न्यायिक जांच की मांग उठाई।

राजनीतिक रसूख का हवाला दे बचता रहा सीएमडी : 
14 मई को रक्सौल में झारखंड की किशोरी से यौन शोषण का केस दर्ज होने के बाद सीएमडी मनीष सिन्हा और स्थानीय इंचार्ज एनामुल अंसारी ने सितंबर माह में सेमिनार किया था। इस सेमिनार में एक मंत्री को भी बुलाया गया था। कंपनी से जुड़े युवक युवतियों को मंत्री से प्रशस्ति पत्र भी दिलवाया गया था। इस तरह अलग-अलग नेताओं के साथ ली गई तस्वीर को दिखाकर मनीष सिन्हा अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देता रहा। रक्सौल पुलिस उसपर हाथ डालने से कतराती रही।

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छात्राओं को फांसने के लिए उन्हें समझाया जाता है कि जॉब करते हुए पढ़ाई भी जारी रख सकती हैं। इसके बाद जॉब के नाम पर 20,500 रुपये की ठगी के बाद मारपीट से लेकर यौन शोषण तक से गुजरना पड़ता है। मीनापुर की पीड़िता को भी सेल्फ डिपेंडेंट बनाने का झांसा देकर फांसा गया था। उसने बताया है कि अहियापुर में कई छात्राओं को इसी तरह फांसा गया है। दो माह पहले तक कंपनी से जुड़ी महिलाएं छात्राओं से संपर्क साध रही थी।

40 साल तक वेतन मिलने का दिया जाता था झांसा
डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग कंपनी में जॉब का झांसा देने के दौरान एक युवक से मोबाइल पर हो रही बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें युवक से कंपनी का प्रतिनिधि कह रहा है कि एक बार जॉब मिलने पर उसे 40 सालों तक काम दिया जाएगा। जब उधर से युवक ने कहा कि वह 12 हजार रुपये ही दे सकता है, तो उतने रुपये लेकर ही जॉब के लिए बुलाया जाने लगा। ‘हिन्दुस्तान’ इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग
नौकरी के नाम पर लड़कियों के साथ यौन शोषण के खिलाफ कई संगठनों ने सोमवार को पटना के बुद्ध स्मृति पार्क के पास प्रदर्शन किया। इसमें शामिल छात्र-युवाओं और महिलाओं ने इस मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की। प्रदर्शन का आयोजन ऐपवा, बिहार महिला समाज, ऐडवा, एआईएमएसएस, बिहार घरेलू कामगार यूनियन, बिहार लीगल नेटवर्क, इंसाफ मंच, मौलिक अधिकार मंच, गौरव ग्रामीण महिला विकास मंच सहित कई संगठनों ने किया। इन संगठनों ने कहा कि छह साल पहले भी बालिका गृह कांड उजागर हुआ था। ताजा कांड भी एक संगठित अपराध की ओर इशारा कर रहा है। सत्ता एवं प्रशासन के संरक्षण बिना यह संभव नहीं है। इसलिए इसकी निष्पक्ष उच्चस्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए।