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हिंदी न्यूज़ बिहार जमुईः दिव्यांग सीमा के जज्बे को डीएम ने किया सलाम, छात्रा के गरीब ग्रामीणों को भी मिलेगा आवास

जमुईः दिव्यांग सीमा के जज्बे को डीएम ने किया सलाम, छात्रा के गरीब ग्रामीणों को भी मिलेगा आवास

डीएम अवनीश कुमार सिंह बुधवार को उसके घर पहुंच गए। जिला शिक्षा पदाधिकारी भी साथ थे। डीएम ने सीमा को ट्राईसाइकिल दिया और कृत्रिम पैर के लिए पैर का नाप लिया गया है। छात्रा की समुचित पढ़ाई का आश्वासन दिया

 जमुईः दिव्यांग सीमा के जज्बे को डीएम ने किया सलाम, छात्रा के गरीब ग्रामीणों को भी मिलेगा आवास
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,जमुईWed, 25 May 2022 04:12 PM

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जमुई की दिव्यांग छात्रा के एक पैर से चलकर स्कूल जाने की कहानी मीडिया में आने के साथ ही सीमा के घर अधिकारी पहुंचने लगे हैं। दिव्यांग छात्रा सीमा की परेशानी से जुड़ी खबर को लाइव हिंदुस्तान में  प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। खैरा प्रखंड के फतेहपुर गांव की रहने वाली छात्रा सीमा एक ही पैर से चलकर 500 मीटर की दूरी तय कर स्कूल जाती थी।

बुधवार को जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह उसके घर पहुंच गए। जिला शिक्षा पदाधिकारी भी डीएम के साथ थे। डीएम ने सीमा को ट्राईसाइकिल दिया और कृत्रिम पैर के लिए सीमा के पैर का नाप लिया गया । इससे पहले बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने ट्वीट कर लिखा कि अब सीमा चलेगी भी और पढ़ेगी भी।

गांव पहुंचे डीएम अवनीश कुमार ने कहा कि वे सीमा के हौसले को सलाम करते हैं। उन्होंने सीमा की छूटी हुई पढ़ाई पूरी करवाने का निर्देश डीईओ को दिया। डीएम ने बताया कि फिलहाल उसे एक ट्राईसाइकिल दिया गया है। जल्द ही उसे आर्टिफिसियल पैर उपलब्ध कराया जाएगा।

डीएम अवनीश कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सीमा के परिवार को सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गांव में जितने भी गरीब परिवार हैं उन्हें आवास योजना से आच्छादित किया जाएगा।

जमुई जिलान्तर्गत खैरा प्रखंड के फतेहपुर गांव की रहने वाली मेधावी बच्ची सीमा के समुचित इलाज की जिम्मेदारी अब “महावीर चौधरी ट्रस्ट” उठाएगा।

चौथी क्लास में पढ़ने वाली दिव्यांग छात्रा सीमा के हौसले बुलंद है। उसका कहना है कि वह पढ़ना चाहती है और टीचर बनना चाहती है। सीमा यह कहते हुए थोड़ी भावुक हो जाती है कि पापा बाहर काम करते हैं, मम्मी ईंट भट्टे में काम करती है। दोनों पढ़े लिखे नहीं हैं।

सीमा महादलित समुदाय से आती है। दो साल पहले सीमा  एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इलाज के दौरान डाक्टरों ने सीमा की जान बचाने के लिए उसके एक पैर को काट  दिया था। सीमा की मां ने बताया कि कर्ज लेकर बेटी का जैसे तैसे इलाज तो करवा लिया लेकिन महंगा होने के कारण उसे कृत्रिम पैर नहीं दिला सके। डीएम और प्रशासन के आने से सीमा का पूरा गांव प्रसन्न है।

 

 

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