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बिहार: ब्लड बैंक से मिला पुराना खून, चढ़ाते ही मरीज की मौत, थैली पर छपी थी पिछले साल की डेट

सीतामढ़ी हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Mon, 14 Jun 2021 10:34 PM
बिहार: ब्लड बैंक से मिला पुराना खून, चढ़ाते ही मरीज की मौत, थैली पर छपी थी पिछले साल की डेट

सीतामढ़ के दो निजी नर्सिंग होम में पिछले चार दिनों में ब्लड बैंक से मिले पुराना खून चढ़ाते ही दो महिलाओं की जान चली गयी। डॉक्टर के मांग पत्र पर परिजनों ने रेडक्रॉस से खून लिया था। खून की थैली पर अंकित तिथि भी पिछली साल की थी। खून चढ़ने के थोड़ी देर बाद ही मरीज की स्थिति खराब हुई, उसके बाद मौत हो गयी। डॉक्टर का कहना है कि खून की खराबी की वजह से ही मरीज की मौत हुई है। ऑपरेशन सफल था। मरीज होश में भी आया। करीब दो घंटे बाद उसकी तबियत बिगड़ी।

सोमवार को प्रतापनगर के फेकन कुमार की पत्नी मालती देवी का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद उसे डॉक्टर की सलाह पर दो यूनिट खून चढ़ाया गया। दूसरी यूनिट खून चढ़ाते उसकी स्थिति बिगड़ी और मौत हो गयी। इसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बीतें नौ जून की रात आदर्श नगर के मनीष तिवारी की पत्नी उर्वशी को सीजेरियन ऑपरेशन के बाद खून की जरूरत होने पर परिजन रेडक्रॉस से ही ब्लड लाकर चढ़ाये थे। जिसके बाद उसकी तबियत खराब हो गयी।

इधर, सोमवार को मरीज की मौत के बाद परिजनों के हंगामा की सूचना पर नगर थाना पुलिस पहुंची। लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव लेकर परिजन घर लौटे। चिकित्सक डॉ. वरुण कुमार ने बताया कि प्रसव के बाद मरीज ठीक थी। खून की कमी की वजह से उसे ब्लड देने के लिए परिजन को कहा गया। परिजन ने रेडक्रॉस से खून लाकर दिया।

एक्सपायरी देखकर वापस किया खून
डॉक्टर वरुण ने बताया कि परिजन रेडक्रॉस से खून लेकर आए। लेकिन खून की थैली पर डेट ऑफ इश्यू में नौ जून 2020 लिखा हुआ था। पुराना खून होने की वजह से उक्त थैली को वापस कर दिया गया। परिजन से दूसरी थैली लाने को कहा गया। कुछ देर बाद फिर परिजन रेडक्रॉस से ही इश्यू खून लेकर आए। खून चढ़ाने के थोड़ी देर बाद ही मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी। जबतक हमलोग कुछ करते उसकी मौत हो चुकी थी।

नगर थानेदार विकास कुमार ने बताया कि अबतक मृतक के परिजन द्वारा किसी तरह की शिकायत नहीं की गयी है। हंगामा की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। समझाने के बाद सभी शव को लेकर घर चले गये। पोस्टमार्टम से भी इंकार कर दिया था। अगर परिजन शिकायत करते हैं तो जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

मामला संज्ञान में नहीं आया है। संज्ञान में आने पर इसकी जांच होगी। जिस अस्पताल में इस तरह का खून पहुंचा है, वहां के चिकित्सक को इसकी सूचना सीएस कार्यालय व स्थानीय थाना को देनी चाहिए।
 - डॉ. राकेशचंद्र सहाय वर्मा, सीएस, सीतामढ़ी।

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