ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिहारखादीः निवेश पर चार फीसदी ब्याज चुकाएगी सरकार, नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए निकलेगी पत्रिका

खादीः निवेश पर चार फीसदी ब्याज चुकाएगी सरकार, नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए निकलेगी पत्रिका

खादी उत्पाद में निवेश करने हेतु कार्यशील पूंजी के लिए लोन पर चार फीसदी तक ब्याज राज्य सरकार चुकाएगी। खादी संस्थाओं और कारीगरों दोनों को यह लाभ निलेगा। राज्य खादी बोर्ड के माध्यम से यह अनुदान दिया...

खादीः निवेश पर चार फीसदी ब्याज चुकाएगी सरकार, नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए निकलेगी पत्रिका
Sudhir Kumarमुकेश बालयोगी,पटनाMon, 17 Jan 2022 09:30 AM

खादी उत्पाद में निवेश करने हेतु कार्यशील पूंजी के लिए लोन पर चार फीसदी तक ब्याज राज्य सरकार चुकाएगी। खादी संस्थाओं और कारीगरों दोनों को यह लाभ निलेगा। राज्य खादी बोर्ड के माध्यम से यह अनुदान दिया जाएगा। प्रस्तावित खादी नीति में इसका प्रावधान किया गया है। नीति का प्रारूप तैयार कर सहमति के लिए खादी संगठनों के पास भेजा गया है। आगे इस पर राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी ली जाएगी। प्रस्तावित नीति के तहत अगर खादी के नाम पर चार फीसदी से भी कम दर पर कर्ज मिलता है तो ब्याज की पूरी राशि खादी बोर्ड वहन करेगी। खादी संस्थाएं या कारीगर अगर उत्पादन केंद्र पर भवन या शेड बनाने के लिए जमीन खरीदते हैं या किसी से ट्रांसफर कराते हैं या फिर पट्टे पर लेते हैं तो सरकार निबंधन शुल्क और स्टांप ड्यूटी की पूरी राशि माफ कर देगी। इसी तरह आठ चक्र वाले आधुनिक चरखों की खरीद पर राज्य सरकार 90 फीसदी राशि तक वहन करेगी। बाकी 10 फीसदी राशि खादी संस्थाओं को खुद वहन करना पड़ेगा। आधुनिक करघों की खऱीद पर भी अनुदान मिलेगा। इसी तरह खादी उत्पादन की नई इकाई लगाने पर अनुमोदित परियोजना लागत पर लगने वाले टैक्स का 70 फीसदी तक राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं ग्रामोद्योग इकाइयों के मामलों में यह कर अनुदान 50 फीसदी तक होगा। वैट, इंट्री टैक्स और सीएसटी समेत दूसरे करों के मामलों में यह लागू होगा।

पांच साल में 15 हजार को प्रत्यक्ष रोजगार

प्रस्तावित खादी नीति के तहत अगले पांच साल में 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 20 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें खादी उद्यमी से लेकर कारीगर और कर्मचारी तक शामिल होंगे। उद्योग विभाग ने एक खादी स्कूल स्थापित करने की योजना भी नीति में शामिल की है। यहां 125 लोगों को नामांकन मिलेगा। इस स्कूल में अलग-अलग अवधि के कोर्स संचालित किए जाएंगे।

ये हैं खास आकर्षण

प्राकृतिक या अकाल मौत अथवा अपंगता की स्थिति में राज्य सरकार खादी कारीगरों को बीमा कवरेज देगी।

राज्य में खादी डिजाइन स्टूडियो और गुणवत्ता परीक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।

सभी बड़े जिलों में खादी मॉल की स्थापना की होगी। यह सरकारी-निजी भागीदारी के आधार पर होगा।

राज्य खादी बोर्ड ई-कॉमर्स प्रमोशन के लिए खर्च की गई राशि में भी अनुदान देगा।

नई पीढ़ी को जोड़ेगी खादी

खादी एवं ग्रामोद्योग से नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड खादी पर आधारित त्रैमासिक पत्रिका का भी प्रकाशन करेगा। इसमें नई जानकारी भी दी जाएगी। खादी उत्पाद में निवेश करने हेतु कार्यशील पूंजी के लिए लोन पर चार फीसदी तक ब्याज राज्य सरकार चुकाएगी। खादी संस्थाओं और कारीगरों दोनों को यह लाभ निलेगा। राज्य खादी बोर्ड के माध्यम से यह अनुदान दिया जाएगा। प्रस्तावित खादी नीति में इसका प्रावधान किया गया है। नीति का प्रारूप तैयार कर सहमति के लिए खादी संगठनों के पास भेजा गया है। आगे इस पर राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी ली जाएगी। प्रस्तावित नीति के तहत अगर खादी के नाम पर चार फीसदी से भी कम दर पर कर्ज मिलता है तो ब्याज की पूरी राशि खादी बोर्ड वहन करेगी। खादी संस्थाएं या कारीगर अगर उत्पादन केंद्र पर भवन या शेड बनाने के लिए जमीन खरीदते हैं या किसी से ट्रांसफर कराते हैं या फिर पट्टे पर लेते हैं तो सरकार निबंधन शुल्क और स्टांप ड्यूटी की पूरी राशि माफ कर देगी। इसी तरह आठ चक्र वाले आधुनिक चरखों की खरीद पर राज्य सरकार 90 फीसदी राशि तक वहन करेगी। बाकी 10 फीसदी राशि खादी संस्थाओं को खुद वहन करना पड़ेगा। आधुनिक करघों की खऱीद पर भी अनुदान मिलेगा। इसी तरह खादी उत्पादन की नई इकाई लगाने पर अनुमोदित परियोजना लागत पर लगने वाले टैक्स का 70 फीसदी तक राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं ग्रामोद्योग इकाइयों के मामलों में यह कर अनुदान 50 फीसदी तक होगा। वैट, इंट्री टैक्स और सीएसटी समेत दूसरे करों के मामलों में यह लागू होगा।

 

epaper