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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का निधन, राज्य में 3 दिन का राजकीय शोक

तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री (Former CM) रहे जगन्नाथ मिश्रा (Jagarnat Mishra) का आज दिल्ली में निधन हो गया। लंबी बीमारी से जूझ रहे जगन्नाथ मिश्रा आज सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे यह दुनिया छोड़ चले गए। मिश्रा के निधन की जानकारी मिलते ही राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। बिहार (Bihar) में उनके चाहने वाले गम में डूब गए हैं।

जगन्नाथ मिश्रा  जमीन से जुड़े नेता थे। बिहार की जनता में मजबूत पकड़ और सियासी दाव-पेंच में महारत हासिल मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। पहली बार वर्ष 1975 में , दूसरी बार 1980 में और आखिरी बार वह 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे।

वह 90 के दशक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी रहे। राजनीति में आने से पहले जगन्नाथ मिश्रा लेक्चरर थे। उन्होंने बिहार यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी। अर्थशास्त्र का प्रोफेसर रहते हुए उन्होंने 40 के करीब रिसर्च पेपर तैयार किए थे। 

पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा के निधन पर सीएम नीतीश कुमार ने शोक प्रकट किया है। सीएम ने जगन्नाथ मिश्र के निधन को बिहार की राजनीति के लिए बड़ा क्षति बताया है। वहीं उन्होंने बिहार में तीन दिनों के राजकीय शोक का एलान किया है। उन्होंने कहा है कि श्री मिश्रा ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान बिहार के विकास के लिए काफी कुछ किया था। बिहार उनके किए गए कामों को हमेशा याद रखेगा।

गिरिराज ने जताया शोक

भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने जगन्नाथ मिश्रा के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि, 'बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का निधन हो गया है, प्रभु उनकी आत्मा को शांति दे।' 

तेजस्वी यादव ने जताया शोक 

 ऐसे शुरू हुआ था जगन्नाथ मिश्र का राजनीतिक सफर

 

डा. जगन्नाथ मिश्र का जन्म 1937 में सुपौल के बलुआ बाजार में हुआ था। वे ललित नारायण मिश्र के छोटे भाई थे। डा. जगन्नाथ मिश्रा ने प्रोफेसर के रूप में अपना करियर शुरू किया था और बाद में बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने।उनकी रुचि राजनीति में बचपन से ही थी, क्योंकि उनके बड़े भाई ललित नारायण मिश्र पहले से हीं राजनीति में थे और रेल मंत्री थे। डॉ. जगन्नाथ मिश्रा विश्वविद्याल में पढ़ाने के दौरान ही  कांग्रेस में शामिल हुए। 

डॉ. मिश्र 1975 में पहली बार मुख्यमंत्री बने। दूसरी बार उन्हें 1980 में कमान सौंपी गई और आखिरी बार 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे। वे 90 के दशक के बीच केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भी रहे।  बिहार में .डॉ मिश्र का नाम बड़े नेताओं के तौर पर जाना जाता है। 

कांग्रेस छोड़ने के बाद वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और उसके बाद जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्य बनें। 30 सितंबर 2013 को रांची में एक विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो ने चारा घोटाले में 44 अन्य लोगों के साथ उन्हें दोषी ठहराया। उन्हें चार साल की कारावास और 200,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। 

चारा घोटाला की पटकथा जगन्नाथ मिश्रा के मुख्यमंत्री पद रहते ही हो चुकी थी, लेकिन ये मामला सामने तब आया जब 1990 के दशक में मुख्यमंत्री लालू यादव थे। जगन्नाथ मिश्रा पर आरोप था कि इन्होंने दुमका और डोरंडा निधि से धोखाधड़ी से रूपये निकाले। बाद में सीबीआई अदालत ने इन्हें 4 साल की सजा सुनाई और रांची जेल भेज दिया।

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  • Web Title:bihar former chief minister jagarnath mishra passes away live updates