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1 अक्तूबर, 2020|10:53|IST

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बिहार चुनाव 2020 : कल्याणपुर विधानसभा सीट में मैदान-ए-जंग सजा पर लड़ाकों के चेहरे तय नहीं

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समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर विधानसभा (सुरक्षित) क्षेत्र में इस बार रोमांचक चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। इस सीट पर फिलहाल जदयू काबिज है। जदयू विधायक महेश्वर हजारी राज्य सरकार में योजना व विकास मंत्री के साथ ही उद्योग विभाग के भी प्रभार में हैं। ऐसे में यह सीट वीआईपी की श्रेणी में शुमार है जहां से इस बार कई रणबांकुरे दम भरने को तैयार हैं।
दलों की ओर से अभी प्रत्याशी की घोषणा तो नहीं हुई लेकिन यहां से महेश्वर हजारी का चुनाव मैदान में उतरना तय माना जा रहा है। महागठबंधन की ओर से उम्मीदवारी पर अभी तस्वीर साफ नहीं है। हालांकि राजद के कई नेता यहां से चुनाव लड़ने के लिए पटना का रोज चक्कर लगा रहे हैं। करीब आधा दर्जन से अधिक राजद नेता टिकट पाने के लिए पूरा जोर लगाये हुए हैं। इसमें कुछ कल्याणपुर के ही रहने वाले हैं तो कुछ दूसरे विधानसभा क्षेत्र के हैं। हालांकि महागठबंधन में शामिल कांग्रेस समेत अन्य दलों के अनुसुचित जाति के नेताओं की भी इस सीट पर नजर है।
वैसे यहां से पूर्व में राजद भी चुनाव लड़ चुका है और जीत भी हासिल कर चुका है। इस बार भाकपा माले भी कल्याणपुर से अपना प्रत्याशी उतारने का मन बनाये हुए है। लब्बोलुआब यही कि कल्याणपुर के मैदान-ए-जंग में अभी लड़ाकों के चेहरे तय नहीं होने से वोटर भी बस कयासों पर चर्चा किये जा रहे हैं।

पहले था वारिसनगर विधानसभा में शामिल
कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र 1957 में अस्तित्व में आया। उसके पहले यह वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उस समय वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र से दो प्रतिनिधि चुने जाते थे। एक सामान्य वर्ग से जबकि दूसरा आरक्षित वर्ग से। इस विधानसभा क्षेत्र में भी समाजवादी नेताओं का खासा प्रभाव रहा है जिसके कारण यहां से अधिकतर समाजवादी विचारधारा के नेता को ही जीत मिलती रही है। आजादी के बाद से अब तक मात्र तीन बार ही कांग्रेस को जीत मिली।

लगातार दूसरी बार किसी को नहीं मिली जीत
  यहां से किसी भी नेता को लगातार दूसरी बार जीतने का गौरव हासिल नहीं हुआ। हालांकि कुछ नेता एक बार से अधिक विधायक चुने गये हैं, लेकिन जीत में चुनाव का अंतराल रहा है। बीते तीन चुनाव में जदयू के प्रत्याशी ही चुनाव जीते हैं लेकिन प्रत्याशी अलग-अलग रहे।  यहां किसी निर्दलीय प्रत्याशी को भी चुनाव जीतने का अवसर नहीं मिला है।  

2010 से सीट आरक्षित
कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र पूर्व में अनारक्षित था। यहां से सामान्य उम्मीदवार चुनाव लड़ते थे। लेकिन 2010 में नये सिरे से हुए परिसीमन के बाद इस विधानसभा क्षेत्र को आरक्षित कर दिया गया। तब से यहां से अनुसचित जाति के ही उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं।

केन्द्रीय कृषि विवि व रामेश्वर जूट मिल क्षेत्र की पहचान
उत्तर बिहार का इकलौता जूट मिल और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वश्विद्यालय पूसा कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में ही आता है। ये दोनों क्षेत्र की पहचान हैं। विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा बाढ़ से भी प्रभावित रहता है। यहां लगभग हर साल बागमती और बूढ़ी गंडक की बाढ़ का कहर लोगों को झेलना पड़ता है। यह विधानसभा क्षेत्र एक ओर मुजफ्फरपुर जिले की सीमा को छूता है तो दूसरी ओर दरभंगा को। इस क्षेत्र में दो प्रखंड कल्याणपुर व पूसा शामिल हैं।  

कुल बूथ : 318  
कुल वोटर : 320 421
पुरुष वोटर : 170213  
महिला वोटर:   150198
थर्ड जेंडर :   10
प्रखंड     : 02

अब तक के विधायक
1957   रामसुकुमारी  देवी कांग्रेस
1962   ब्रह्मदेव नारायण सिंह सोशलिस्ट पार्टी
1967 रामसुकुमारी देवी कांग्रेस
1969  ब्रह्मदेव नारायण सिंह सोशलिस्ट पार्टी
1972 रामनरेश त्रिवेदी कांग्रेस
1977 वशिष्ठ नारायण सिंह सोशलिस्ट पार्टी
1980 रामसुकुमारी देवी कांग्रेस
1985 वशिष्ठ नारायण सिंह जनता पार्टी
1990 प्रो. दिलीप कुमार राय कांग्रेस
1995 सीता सिन्हा जनता दल
2000 अश्वमेध देवी जदयू
2005 (फर.) अशोक वर्मा राजद
2005 (अक्टू.) अश्वमेध देवी जदयू
2009 उपचुनाव  अशोक वर्मा राजद
2010 रामसेवक हजारी जदयू
2013 उपचुनाव  मंजू कुमारी जदयू

 

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  • Web Title:Bihar elections 2020 : Faces of fighters not decided on election date announce in Kalyanpur assembly seat