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25 अक्तूबर, 2020|11:02|IST

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बिहार चुनाव 2020 : चुनाव में जुटे दिहाड़ी या ठेका मजदूरों की स्वास्थ्य सुरक्षा की परिधि बढ़ी

preparation to field election through online mediums
राज्य सरकार ने मतदान कर्मियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की परिधि और बढ़ा दी है। अबतक चुनाव के दौरान दिहाड़ी या ठेका पर लाये गए मजदूरों को चुनावकर्मी जैसी पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलती थी। उनके चुनावी हिंसा का शिकार होने या दुर्घटना होने पर एक लाख तक की ही स्वास्थ्य सुविधा थी। लेकिन राज्य सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए इस सीमा को खत्म कर दिया है। इन्हें भी अब चुनावकर्मियों की तरह इलाज की पूरी सुविधा दी जाएगी, चाहे इलाज में जितना खर्च आए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बकायदा संकल्प जारी किया है।  
विधानसभा चुनाव में काम करने वाले सफाईकर्मी, बिजली मिस्त्री व वाहनों के चालक तक की इससे काफी राहत मिलेगी। पहले चुनाव कार्य के दौरान इनकी तबीयत खराब होने या घायल होने की स्थिति में इनके इलाज पर अधिकतम एक लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान था। राज्य सरकार ने संकल्प जारी करते हुए इस सीमा को खत्म कर दिया है। चुनाव अवधि में स्वास्थ्य खराब होने या घायल होने की स्थिति में अब इनके इलाज में जो भी खर्च आएगा, वह खर्च राज्य सरकार उठायेगी। इसकी कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा की बाध्यता अब नहीं रहेगी।
 
करीब दो लाख ठेका मजदूर करते हैं चुनाव में काम
प्रत्येक चुनाव में काम करने वाले करीब दो लाख ठेका मजदूर, मिस्त्री व चालकों को सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। अधिकृत तौर पर अभी तक करीब सात लाख कर्मियों को चुनाव कर्मी मानते हुए उन्हें देय लाभ की स्वीकृति थी। ठेके पर काम करने वाले करीब दो लाख लोग इस परिधि से बाहर थे। सरकार के संयुक्त सचिव राम ईश्वर के आदेश जारी करने के साथ ही ये सभी श्रमिक अब इस दायरे में लाभ पाने के योग्य मान लिये गए हैं।
 

 

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  • Web Title:Bihar Election 2020: Health security perimeter of daily wage or contract laborers widened in elections