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बिहारसाइबर क्राइम: रिटायर इसरो वैज्ञानिक से 14.5 लाख की ठगी, लॉटरी में लग्जरी कार निकलने का दिया झांसा

नवादा हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Sun, 30 Aug 2020 09:39 PM
साइबर क्राइम: रिटायर इसरो वैज्ञानिक से 14.5 लाख की ठगी, लॉटरी में लग्जरी कार निकलने का दिया झांसा

छत्तीसगढ़ की पुलिस ने बिहार के नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के दो गांवों में छापेमारी कर 14.5 लाख की ठगी मामले में पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना रविवार तड़के करीब चार बजे की बतायी जाती है। इनके पास से 5 लाख 23 हजार कैश समेत अन्य सामान बरामद किये गये हैं। 
गिरफ्तार अपराधियों में थाना क्षेत्र के चकवाय बलवापर गांव के संजय कुमार का पुत्र गौतम कुमार, कैलाश महतो का पुत्र संजय कुमार, विजय राम का पुत्र बिरजू कुमार तथा मीरबिगहा गांव के बच्चू प्रसाद का पुत्र सुधांशु कुमार के अलावा नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र के सदनपुर गांव के निवासी गणेश कुमार का पुत्र नीरज कुमार शामिल हैं। 

छत्तीसगढ़ पुलिस ने वारिसलीगंज पुलिस के साथ छापेमारी कर इन्हें चकवाय बलवापर व मीरबिगहा गांव से मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इन सभी को ट्रांजिट रिमांड व अन्य कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर छत्तीसगढ़ लेकर रवाना हो गयी। छापेमारी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी थाना के एसएचओ रवीश कुमार यादव, साइबर एक्सपर्ट प्रभाकर तिवारी व एसआई अशोक चौरसिया सहित आठ पुलिसकर्मियों की टीम के अलावा वारिसलीगंज पुलिस की टीम शामिल थी। 

लग्जरी गाड़ी के झांसे में वैज्ञानिक
लग्जरी वाहन के झांसे में इसरो के रिटायर वैज्ञानिक वारिसलीगंज के साइबर अपराधियों के झांसे में आकर साढ़े चौदह लाख रुपये गवां दिये। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के इसरो के रिटायर वैज्ञानिक 80 वर्षीय सीएल पटेल को अपराधियों ने महंगी व लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ी लॉटरी में निकलने का झांसा दिया। अपराधियों ने उन्हें फोन पर बताया कि फ्लिपकार्ट द्वारा खरीदारी करने के एवज में कंपनी द्वारा स्कॉर्पियो गाड़ी लॉटरी में निकली है। इसके  एवज में वे कैश अथवा स्कॉर्पियों में से कुछ भी ले सकते हैं। परंतु वैज्ञानिक ने गाड़ी लेने की इच्छा जताई। जाल में फंसते देख तत्काल गाड़ी के कागजात  के नाम पर अपराधियों द्वारा 35 रुपए मांगे गये। अकाउंट में पैसा आते ही अपराधियों ने कागजात अपडेट करने की बात कह वैज्ञानिक से ओटीपी पूछ लिया। ओटीपी बताते ही वैज्ञानिक के अकाउंट से पांच लाख पचास हजार रुपये निकाल लिये गये। रुपये निकलने पर अपराधियों ने गलती से पैसा ट्रांसफर होने व वापस करने का झांसा दिया। तत्काल 70 हजार रुपये गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए गये व इसी प्रकार उनके अलग-अलग बैंक अकाउंट से कुल 14 लाख 49 हजार रुपये अपराधियों ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा लिये। 

30 जुलाई को दर्ज की गयी प्राथमिकी
ठगे जाने का अहसास होने पर रिटायर वैज्ञानिक द्वारा 30 जुलाई 2020 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी थाने में संबंधित साइबरअपराधियों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम शनिवार को वारिसलीगंज पहुंची व नाम- पता वेरिफिकेशन के बाद तड़के वारिसलीगंज पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की गयी। छत्तीसगढ़ से ठगी मामले में प्रयुक्त मोबाइल फोन के सर्विलांस से मिले लोकेशन के आधार पर अलग- अलग गांवों में अपराधियों के घरों पर छापेमारी की गयी।

नगद सहित अन्य सामान बरामद
अपराधियों के घरों से बरामद सामानों में पांच लाख 23 हजार कैश के अलावा तीन अपाची मोटरसाइकिल, दो लैपटॉप, 19 मोबाइल सेट, डेढ़ दर्जन से अधिक एटीएम कार्ड, दस अलग-अलग बैंकों के पासबुक, दो मेमोरी कार्ड, दो दर्जन अलग-अलग प्रदेशों के सिम कार्ड शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक वैज्ञानिक से ठगी करने के लिए अलग-अलग मोबाइल कंपनी के सिम का उपयोग किया गया था।

छत्तीसगढ़ से ठगों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस के मुताबिक आरोपी और पीड़ित से अलग-अलग मोबाइल नंबरों से हो रही बात को लगातार कई दिनों तक सर्विलांस पर लेकर जांच की जा रही थी। उसी दौरान अलग-अलग बैंकों के अकाउंट की जांच में पता चला कि जिस अकाउंट में अपराधियों द्वारा रुपये मंगाए गए हैं उसमें 7 जुलाई से 30 जुलाई तक एक करोड़ से अधिक की राशि का लेन-देन किया गया है। 

तीन राज्यों की पुलिस ने की छापेमारी
लॉक डाउन के दौरान स्थानीय पुलिस के अलावा तीन राज्यों की पुलिस ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से दर्जन भर से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इन सभी के ऊपर झांसा देकर मोबाइल के जरिये  अकाउंट में लाखों की ठगी के आरोप थे। लॉकडाउन के दौरान 5 जून को वारिसलीगंज पुलिस ने चकवाय पंचायत की बाघी गांव से 6 अपराधियों समेत 14 मोबाइल सेट, दर्जनों  एटीएम कार्ड, प्रिंटर, लैपटॉप तथा अपाची बाइक जब्त किया था। जबकि 5 जुलाई को यूपी की फैजाबाद पुलिस ने कोचगांव पंचायत के कन्धा गांव से दो अपराधियों को गिरफ्तार किया था। जबकि हरियाणा तथा दिल्ली पुलिस ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में छापेमारी कर नगद राशि के साथ कई अपराधियों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। इन सबके बावजूद क्षेत्र में साइबर अपराधियों का नेटवर्क पूरी मजबूती से काम कर रहा है। इस धंधे में 15 से 25 आयु वर्ग के टीन एजर्स व युवा शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दी गयी सूचना पर वारिसलीगंज पुलिस ने संयुक्त टीम का गठन किया व रेड में पुलिस को पूरी तरह से सहयोग किया। पांच को गिरफ्तार किया गया। इनके पास कैश व अन्य सामान बरामद किये गये। पुलिस ने इन्हें लेकर चली गयी। स्थानीय पुलिस भी लगातार इनके विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। वारिसलीगंज व पकरीबरावां में साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। 
- मुकेश कुमार साहा, एसडीपीओ पकरीबरावां

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