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11 नवंबर, 2020|10:19|IST

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एनएमसीएच: स्वास्थ्य मंत्री ने पीपीई किट पहन कोविड वार्ड का हाल देखा, मरीजों से बात की

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घोषित बिहार के पहले डेडिकेटेड अस्पताल कोविड अस्पताल एनएमसीएच में हेल्प डेस्क बनायी जाएगी। जहां कोरोना मरीजों और उनके परिजनों को कोरोना के इलाज के संबंध में अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं, अस्पताल के जिस वार्ड में  कोरोना वार्ड होगा, उसके विभागाध्यक्ष को उस वार्ड का इंचार्ज बनाया जाएगा। साथ ही, उस वार्ड में नए सिरे से तीनों पाली में डॉक्टरों की रोस्टर ड्यूटी निर्धारित कर लगाई जाएगी। ये निर्देश स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दी। 

गुरुवार को मंगल पांडेय पीपीई किट पहन कर एनएमसीएच पहुंचे और वहां का हाल जाना। उन्होंने वहां प्राचार्य, अधीक्षक और सभी विभागाध्यक्ष के साथ बैठक की। इसके साथ ही वे कोरोना वार्ड में भी गए और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने बैठक में मौजूद बिहार आधारभूत स्वास्थ्य निगम के अधिकारियों को सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा पाइप लाइन से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अभी 447 बेड में166 बेड पर पाइपलाइन से और शेष में सिलेंडर से ऑक्सीजन की सुविधा दी जा रही है। मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को मृत कोरोना मरीज का शव तीन घंटे के अंदर प्रोटोकॉल का पालन करते हुए परिजनों को सूचित कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

वार्ड ब्वायों ने स्वास्थ्य मंत्री का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा
एनएमसीएच डेडिकेटेड कोरोना नोडल सेंटर में कोरोना पीड़ितों का हाल जानने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पहुंचे। इस दौरान वार्ड ब्वॉयों ने मंत्री का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मची रही। नेतृत्व कर रहे हरेन्द्र ने बताया कि कार्यरत सभी वार्ड व्यॉय से कागज पर 12 हजार रुपए मानदेय भुगतान का हस्ताक्षर करवा कर एजेंसी द्वारा केवल छह हजार रुपए ही दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में हमलोगों की बहाली स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाए। मौके पर कई मरीज व परिजन भी पहुंचकर स्वास्थ्यमंत्री से कोरोना की जांच नहीं होने की शिकायत की।

एनएमसीएच-पीएमसीएच के हर कोविड वार्ड में डॉक्टरों की डेडिकेटेड टीम
एनएमसीएच और पीएमसीएच के हर कोविड वार्ड में चिकित्सकों की डेडीकेटेड टीम तैनात कर दी गई है। 24 घंटे टीम की वार्डों में तैनाती रहेगी। एक टीम से लगातार चार से छह घंटे काम लिए जाएंगे। ताकि टीम और अच्छे से काम कर सके। दोनों संस्थानों में बेहतर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। ताकि मरीजों के इलाज में कहीं से कोई कोताही नहीं हो। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर इलाज की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने को कई कदम उठाए गए हैं। इसी तर्ज पर राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। 

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  • Web Title:bihar corona update health minister mangal pandey arrives at NMCH wearing PPE kit to know condition of covid 19 infected patients in corona ward