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7 अक्तूबर, 2020|6:03|IST

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कैबिनेट की लगी मुहर: महज 100 रुपये में होगा भूमि का पारिवारिक बंटवारा

सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी

भूमि के पारिवारिक बंटवारे में अब सिर्फ 100 रुपये लगेगा। इसमें 50 रुपये निबंधन शुल्क और 50 रुपये स्टांप शुल्क के रूप में देना होगा। पहले पारिवारिक बंटवारे में भूमि की कीमत का पांच फीसदी निबंधन कराने में लगता था। यह इलाके के न्यूनतम वैल्यू पंजी (एमचीआर) के आधार पर तय होता था। इस कारण रजिस्ट्री की कीमत काफी बढ़ जाती थी। लिहाजा भूमि का विधिवत बंटवारा बहुत कम लोग कराते थे। विधिवत बंटवारा नहीं होने से परिवार में विवाद और झगड़े होते थे। इसी की रोकथाम और लोगों की सहूलियत को देखते हुए बंटवारे के बाद भूमि का निबंधन कराने का शुल्क 100  रुपये कर दिया गया है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई। 
बैठक के बाद मद्य, निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कहा कि बिना बंटवारे के लोग भूमि की बिक्री करते हैं। इससे बाद में विवाद होता है। कभी-कभी भूमि का यह झगड़ा हिंसात्मक रूप ले लेता है। अब सभी लोग पारिवाररिक बंटवारा कर उसका निबंधन संबंधित व्यक्ति के नाम पर अवश्य करा लें। इसी मकसद से इसका शुल्क मात्र 100 किया गया है।  

ग्रामीण क्षेत्रों में पॉलिथीन के प्रयोग पर रोक 
शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसी आकार-मोटाई के पॉलीथिन (प्लास्टिक कैरी बैग) के उपयोग पर पाबंदी लगा दी गई है। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी। इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी होगी। अधिसूचना जारी होने के 60 दिनों बाद से यह आदेश प्रभावी होगा। अर्थात 60 दिनों बाद से पॉलीथिन का उपयोग करने पर संबंधित व्यक्ति अथवा व्यापारी पर दंड लगेगा। कैबिनेट सचिवालय के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि इस कानून का उल्लंघन करने पर अधिकतम एक लाख तक का जुर्माना और पांच साल तक की कैद की सजा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन के प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है, नालियां जाम होती हैं और पशु इसे खाकर असमय मौत के मुंह में जा रहे हैँ। पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रह है। गौरतलब हो कि 14 दिसंबर से शहरों में पॉलीथिन के उपयोग पर दंड लगना शुरू हो जाएगा। 

बेल्ट्रॉन कर्मियों की मृत्यु पर चार लाख
बेल्ट्रॉन द्वारा आउट सोर्सिंग के माध्यम से राज्य सरकार के विभन्नि विभागों में संविदा पर कार्यरत कर्मियों की सेवा अवधि में मृत्यु होने पर निकटतम परिजन को चार लाख का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। इन कर्मियों में प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर, आईटी ब्यॉय, आईटी गर्ल्स आदि शामिल हैं। इनकी संख्या करीब दस हजार है। 

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  • Web Title:Bihar Cabinet meeting decision Family share land in only 100 rupees