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कैबिनेट का फैसला: अधिकतम दो बालू घाटों की ही बंदोबस्ती मिलेगी

अब किसी भी व्यक्ति, कंपनी अथवा संस्था को दो से अधिक बालू घाटों की बंदोबस्ती नहीं दी जाएगी। साथ ही किसी को भी अधिकतम 200 हेक्टेयर क्षेत्र के घाट की ही बंदोबस्ती मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में बिहार बालू खनन नीति 2019 को मंजूरी दी गई। एक जनवरी 2020 से नई बंदोबस्ती लागू होगी। बालू की कीमत बाजार मूल्य के हिसाब से तय होगी।

इस नई नीति से बंदोबस्तधारियों की संख्या में वृद्धि होगी। अधिक रोजगार का भी सृजन होगा। बालू के व्यवसाय पर किसी का एकाधिकार नहीं रहेगा। आम लोगों को भी आसानी से बालू उपलब्ध होगा। बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि पुरानी नीति में एक ही व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा कई बालू घाटों की बंदोबस्ती ली जाती थी। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अगर कोई दो घाट लेता भी है तो उसका क्षेत्र 200 हेक्टेयर से अधिक नहीं होगा। अगर एक ही घाट 200 हेक्टेयर क्षेत्र का है तो तो संबंधित व्यक्ति या कंपनी को दूसरे घाट की बंदोबस्ती नहीं मिलेगी।

उन्होंने बताया कि बालू की उपलब्धता सुनिश्चत कराने के मकसद से यह नीति बनाई गई है। पर्यावरण संक्षरण का भी इस नीति में पूरा ख्याल रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और भारत सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए भी इसमें कई स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।

खान निरीक्षक के 66 अतिरिक्त पद सृजित 
खान एवं भूतत्व विभाग में अपर निदेशक के एक, उप निदेशक के तीन, सहायक निदेशक के चार, खनिज विकास पदाधिकारी के 21, खान निरीक्षक के 66, सर्वेक्षक के तीन, प्रारूपक (ड्राफ्ट मैन) के दो, उच्च वर्गीय लिपिक के 23 और निम्न वर्गीय लिपिक के 56 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति भी कैबिनेट ने दी। 

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  • Web Title:Bihar cabinet decision Only two sand ghats will be endowed