DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार: मेट्रो डीपीआर व प्लास्टिक बैन को कैबिनेट की मंजूरी

Symbolic Image

पटना में मेट्रो के संचालन की दिशा में मंगलवार को राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मेट्रो की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही राज्य के सभी शहरों में प्लास्टिक के कैरी बैग पर रोक के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी।

पटना मेट्रो के लिए कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी), अल्टरनेटिव एनालिसिस और राज्य सरकार के कमिटमेंट सहित संपूर्ण परियोजना प्रस्ताव को कैबिनेट ने केंद्र को भेजे जाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी। 17 हजार 887 करोड़ 56 लाख रुपये की मेट्रो की डीपीआर को कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही इसे केंद्र को भेज दिया गया। उसकी सहमति के बाद मेट्रो निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

पांच साल का है प्रोजेक्ट
मेट्रो का प्रोजेक्ट एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) मॉडल पर बनेगा और इसे पांच साल में पूरा किया जाना प्रस्तावित है। राइट्स द्वारा पांच रूटों पर किए गए सर्वें में से दो कॉरिडोर का विस्तृत अध्ययन कर डीपीआर तैयार की गई है। इसमें ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (दानापुर से मीठापुर) और नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (पटना स्टेशन से न्यू आईएसबीटी) शामिल हैं। दोनों रूटों पर 12-12 मेट्रो स्टेशन बनेंगे।  तत्काल डीपीआर को ई-मेल के जरिए दिल्ली भेजा गया। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नगर विकास के प्रधान सचिव सह पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन के चेयरमैन चैतन्य प्रसाद डीपीआर लेकर देर शाम दिल्ली गए। वे बुधवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में खुद भी डीपीआर जमा कराने के साथ ही अधिकारियों से भी मिलेंगे।

शहरों में प्लास्टिक के कैरी बैग पर लगेगी पाबंदी
राज्य के सभी शहरों में प्लास्टिक के कैरी बैग पर पाबंदी लगेगी। इसके लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अधिसूचना जारी करेगा। अधिसूचना के 60 दिनों बाद यह पाबंदी लागू हो जाएगी। इस 60 दिनों के अंदर प्लास्टिक कैरी बैग का निबटारा सभी द्वारा कर लिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि शहरों में सभी आकार और मोटाई के प्लास्टिक कैरी बैग के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, विक्रय और उपयोग पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी। इसका उल्लंघन करने वालों से नगर निकाय जुर्माना वसूलेंगे।

इसके अलावा बिना अनुमति के खुले में 150 से अधिक लोगों द्वारा आयोजन करने पर भी निकाय 1000 से 2000 तक जुर्माना वसूलेंगे। इसके लिए बिहार नगर पालिका प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल विनियमन 2018 को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी।

किस पर कितना जुर्माना:
उत्पादन पर: 1000, 2000 और 5000
कॉमर्शियल उपयोग पर: 1500, 2500 और 3500
घरेलू उपयोग पर: 100, 200 और 500
खुले में जलाने पर: 2000, 3000, 5000
पार्क-नाला में फेंकने पर: 1000, 1500, 2000
(नोट : तीन बार के बाद पकड़े जाने पर अधिकतम जुर्माना हर बार लगेगा)

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Bihar cabinet approval for Metro DPR and plastic ban