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बिहार बोर्ड: कबाड़ी के यहां बेची थीं बोर्ड परीक्षा की कॉपियां

बिहार बोर्ड

स्ट्रांग रूम से गायब नवादा जिले की मैट्रिक की 42400 कॉपियों को आदेशपाल ने एक कबाड़ी के हाथों बेचा था। इसका खुलासा एआईटी की तफ्तीश के बाद शनिवार को किया गया। टीम ने शहर के हजियापुर के कबाड़ व्यवसायी व एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है। 

कबाड़ व्यवसायी पप्पू गुप्ता व ऑटो चालक संजय कुमार से पूछताछ के बाद टीम ने कबाड़ व्यवसायी की दुकान से एक उत्तरपुस्तिका व पांच खाली बैग  बरामद किए। अब एसआईटी सीवान व गोपालगंज के कबाड़ बीनने-खरीदने वाले 300 लोगों को चिह्नित कर गायब कॉपियां बरामद करने के लिए छापेमारी व पूछताछ कर रही है। टीम को आशंका है कि कबाड़ से कॉपी खरीदने के बाद उसे दूसरे जिले या फिर राज्य से बाहर बड़े कारोबारियों के हाथों बेच दिया गया हो। एसपी राशिद जमां ने बताया कि आदेशपाल छठू सिंह ने स्कूल के स्ट्रांग रूम से कॉपियां निकालकर बेची थीं। खुलासा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुआ। 

क्या था मामला
नवादा जिले की मैट्रिक की कॉपियों को मूल्यांकन के लिए एसएस बालिका प्लस टू स्कूल भेजा गया था। कॉपियों की जांच के बाद परीक्षार्थियों के प्राप्तांक की शीट बोर्ड को भेज दी गई। जब बिहार बोर्ड ने टॉपरों के वेरीफिकेशन के क्रम में कुछ छात्रों की कॉपियों की मांग की तो सोशल साइंस व विज्ञान की चार कॉपियां नहीं मिलीं। बाद में जांच में 215 बैग से 42400 से अधिक कॉपियां गायब पाई गईं। इस मामले में प्राचार्य ने आदेशपाल व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

'हिन्दुस्तान' की खबर सच साबित
आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने सबसे पहले गायब कॉपियों को कबाड़ी के यहां बेचे जाने की आशंका व्यक्त करते हुए 'संभावित ठिकानों से लेकर कबाड़ दुकानों में हो रही छापेमारी' शीर्षक से खबर छापी थी। एसआईटी की तफ्तीश के बाद खबर सही साबित हुई।

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