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27 मार्च, 2020|11:42|IST

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बिहार : सैफ के शव को मुंगेर पहुंचाने वाला एंबुलेंस ड्राइवर भी कोरोना संदिग्ध

मुंगेर के सैफ अली के शव को ले जानेवाला एंबुलेंस ड्राइवर भी कोरोना संदिग्ध की सूची में शामिल हो गया है। एंबुलेंस ड्राइवर ने सिविल सर्जन से अपनी जांच कराने की गुहार लगाई है। गुरुवार को वह सर्दी और खांसी से पीड़ित हो गया है। वह सैफ को अपनी एंबुलेंस से मुंगेर स्थित उसके गांव पहुंचाया था।

सैफ राज्य का पहला कोरोना पीड़ित था, जिसकी मृत्यु एम्स में गुरुवार को हो गई थी। सैफ के इलाज से जुड़े एक और चिकित्सक कोरोना के संदिग्ध हो गए हैं। पीएमसीएच में उनका भी नमूना जांच के लिए लिया गया है। श्रवण अस्पताल से रेफर होकर पीएमसीएच की इमरजेंसी में आया था। यहां जगह नहीं होने के कारण उसे एम्स भेज दिया गया था। इस बीच पीएमसीएच के एक डॉक्टर ने उसकी पर्ची देखी थी।

दो नए मरीज मिलने के बाद संक्रमण विस्तार का बढ़ा खतरा
एक ओर जहां चुरम्बा निवासी मो. सैफ अली के मौत के बाद से ही ना सिर्फ मुंगेर जिला, बल्कि पूरे बिहार में लोग कोरोना वायरस को लेकर काफी दहशत में हैं। वहीं एक बार फिर मुंगेर वासियों की चिंता काफी बढ़ गई है, क्योंकि सैफ के संपर्क में आए उनके ही दो पड़ोसी कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए गए हैं।

एक महिला और एक बालक पाए गए पॉजिटिव
सैफ की मौत के बाद उसके संपर्क में आए लोगों के सैंपल संग्रह के लिए पिछले मंगलवार को भागलपुर से मेडिकल टीम सदर अस्पताल पहुंची। जहां मेडिकल टीम द्वारा सैफ के संपर्क में आए चिह्नित 54 लोगों का सैंपल संग्रह किया गया। सैफ के संपर्क में आए चिह्नित लोगों में उसके परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, पड़ोसी, चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टाफ तथा अन्य लोग शामिल हैं। किंतु हैरानी की बात यह है कि सभी 54 लोगों में से मात्र सैफ के दो पड़ोसी में ही कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव हैं। इनमें 35 वर्ष की एक महिला तथा 12 वर्ष का एक बालक शामिल है।

जानकारों का मानना है कि सैफ के संपर्क में आए बाकी लोगों की प्रथम जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ जाने से वह अभी खतरे से बाहर नहीं आ पाए हैं। लोग अभी तक अमूमन यही मानते आए हैं कि कोरोना वायरस का लक्षण यदि 14 दिनों तक नहीं दिखा तो फिर संबंधित व्यक्ति खतरे से बाहर है। लेकिन ऐसी बात नहीं है संदिग्ध व्यक्ति के अंदर 28 दिन के भीतर भी कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने की संभावना बनी रहती है।

अपने ही घरों पर आइसोलेट हो रहे संदिग्ध
कहने को तो जिला स्वास्थ समिति द्वारा हाजीसुभान स्थित नवनिर्मित जीएनएम स्कूल को क्वारंटाइन वार्ड बना दिया गया है। किंतु जीएनएम स्कूल में फिलहाल संसाधनों के अभाव में किसी भी संदिग्ध को भर्ती नहीं किया गया है। ना सिर्फ संदिग्ध अवस्था में बल्कि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाने के बाद भी सैफ के संपर्क में आए लोग फिलहाल अपने घरों में ही आइसोलेट हो रहे हैं।

बिहार में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 9
बिहार में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। शुक्रावर को सिवान  और पटना में एक-एक नए मरीज मिलने से हडकंप मच गया। अब राज्य कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या नौ हो गई है। आरएमआरआई के निदेशक डॉ प्रदीप दास ने बताया है कि गुरुवार को दो कोरोना संदिग्ध की रिपोर्ट सस्पेक्टेड की श्रेणी में थीए उसे कंफर्म कर लिया गया है। दोनों मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव है। दोनों मरीज एनएमसीएच के आईडीएच में भर्ती हैं

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  • Web Title:Bihar : ambulance driver is also corona suspect who take saifs dead body to munger