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Hindi News बिहार16080 डेटोनेटर, 556 IED; औरंगाबाद की पहाड़ी गुफा में कोबरा कमांडो ने पकड़ा नक्सलियों का हथियार गोदाम

16080 डेटोनेटर, 556 IED; औरंगाबाद की पहाड़ी गुफा में कोबरा कमांडो ने पकड़ा नक्सलियों का हथियार गोदाम

चक्रबंधा जंगल के लडुआ पहाड़ी की गुफा स्थित नक्सली ठिकाने से 16080 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 554 पीस कैन आईईडी, तीन-तीन किलो के दो प्रेशर केन बम और 400 मीटर फ्यूज वायर बरामद किए गए हैं।

16080 डेटोनेटर, 556 IED; औरंगाबाद की पहाड़ी गुफा में कोबरा कमांडो ने पकड़ा नक्सलियों का हथियार गोदाम
Sudhir Kumarप्रसून कुमार मिश्रा,औरंगाबादFri, 22 Dec 2023 07:59 PM
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बिहार में एक बड़े हमले को अंजाम देने की नक्सलियों की साजिश को सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया है।  औरंगाबाद जिला पुलिस, CRPF  के कोबरा बटालियन और एसटीएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन में माओवादियों को ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं जिनमें आईडी, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और फ्यूज वायर शामिल हैं।  नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों के अभियान को बड़ी सफलता मिली है वहीं माओवादियों को बड़ा झटका लगा है।

औरंगाबाद एसपी स्वप्ना जी मेश्राम ने बताया कि सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है।कार्रवाई के दौरान चक्रबंधा जंगल के लडुआ  पहाड़ी की गुफा स्थित नक्सली ठिकाने  से 16080 पीस इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 554 पीस कैन आईईडी,  तीन-तीन किलो के दो प्रेशर केन बम और 400 मीटर फ्यूज वायर बरामद किए गए हैं। यह इलाका औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र में पड़ता है। 

एसपी ने  बताया कि बिहार का यह इलाका नक्सल प्रभावित झारखंड की सीमा से सटा हुआ है।  घने जंगल का यह क्षेत्र नक्सलियों के लिए उपयुक्त ठिकाना है और उनके लिए सुरक्षित भी है। पिछले दो दशक में इलाके में नक्सलियों ने कई वारदातों को अंजाम दिया  जिनमे कई  पुलिस जवानों के साथ पैरामिलिट्री बल के कर्मी  शहीद हुए। इसके अलावे  आम नागरिकों को भी जान माल का नुकसान हुआ।  नक्सलियों ने कई बार सुरक्षा बलों से उनके हथियार और असलहे लूट लिए।  वामपंथी उग्रवादियों की  गतिविधि को देखते हुए अर्धसैनिक बलों के बटालियन  को स्थाई रूप से इलाके में तैनात किया गया है। 

एसपी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि लडुआ पहाड़ी के इलाके में माओवादियों का जोनल दस्ता कैंप कर रहा है जो किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है।  इसे देखते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया गया जिसमें सीआरपीएफ के डीआईजी विमल कुमार विष्ट और 205 कोबरा बटालियन के कमांडेंट कैलाश आर्य ने पुलिस का बेहतर सहयोग किया।  गुरुवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन में एडिशनल एसपी मुकेश कुमार,  कोबरा बटालियन के डिप्टी कमांडेंट अमित कुमार सिंह और असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों के पहुंचने से पहले सभी नक्सली झारखंड की सीमा में घने जंगलों के बीच भाग गए।

ऑपरेशन के बारे में कोबरा कमांडेंट कैलाश आर्य ने बताया कि यह एक बड़ी उपलब्धि है जिसमें हथियारों की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती की गई है। इससे नक्सलियों को बड़ा धक्का लगा है। इस मामले में मदनपुर थाने में फिर दर्ज किया गया है।  उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ हमारा ऑपरेशन जारी है।


 

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