Big campaign against malnutrition in Bihar - बिहार में कुपोषण के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान DA Image

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बिहार में कुपोषण के खिलाफ चलेगा बड़ा अभियान

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मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से बच्चों की मौतों के मामले में एक मुख्य वजह कुपोषण भी माना जा रहा है। बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत बिहार में पोषण अभियान को गति देने के लिए प्रखंड समन्वयक तैनात होंगे। इनके साथ ही प्रखंड परियोजना सहायक भी नियुक्त किए जाएंगे। 

समाज कल्याण विभाग के तहत कार्यरत समेकित बाल विकास सेवाएं (आइसीडीएस) निदेशालय ने राज्य के सभी 38 जिलों के सभी 534 प्रखंडों में पोषण अभियान को जमीनी स्तर पर पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रखंड स्तर पर कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए प्रखंड समन्वयक एवं प्रखंड परियोजना सहायकों की संविदा के आधार पर नियोजन का निर्णय लिया गया है। उत्तर बिहार के 20 जिलों में विशेष रूप से कुपोषण की गंभीर स्थिति के मद्देनजर पोषण अभियान को गति दिया जाना आवश्यक है। निदेशालय सूत्रों के अनुसार प्रखंड समन्वयक को 20 हजार रुपये एवं परियोजना सहायक को 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय का भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक परियोजना के लिए एक पद प्रखंड समन्वयक एवं एक पद  प्रखंड परियोजना सहायक के चिन्हित किए गए है। 

छह जुलाई को अंतिम परिणाम घोषित होगा 
स्नातक एवं कंप्यूटर की डिग्री या डिप्लोमा होना नियुक्ति के लिए जरूरी है। आइसीडीएस निदेशालय, बिहार के वेबसाइट (www.icdsbih.gov.in) पर आवेदन पत्र 11 जुलाई तक आमंत्रित किए गए हैं। जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा चयनित उम्मीदवारों के मूल प्रमाण पत्रों की जांच के लिए कॉल लेटर भेजा जाएगा। 26 जुलाई को परिणाम घोषित होगा। 18 दिसंबर 2017 को राष्ट्रीय पोषण मिशन (पोषण अभियान) की प्रशासनिक स्वीकृति केंद्र सरकार द्वारा दी गयी थी।  इसके बाद बिहार में मिशन के सफल संचालन के लिए परियोजना स्तर पर बिहार पोषण मिशन कोषांग का गठन किया गया है। 

रिक्त पदों का जिलावार ब्योरा वेबसाइट पर उपलब्ध 
सूत्रों ने बताया कि इन दोनों पदों के लिए जिलावार रिक्ति का ब्योरा, दिशा-निर्देश इत्यादि की जानकारी आइसीडीएस निदेशालय, बिहार के वेबसाइट (www.icdsbih.gov.in) पर दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित जिला के जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं आईसीडीएस निदेशालय कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है। निदेशालय मुख्यालय में नियोजन संबंधी जानकारी देने के लिए हेल्पडेस्क भी बनाया गया है। इसके फोन नंबर 0612-2547960 पर भी फोन कर जानकारी हासिल की जा सकती है। 

ये प्रमुख कार्य होंगे
- कुपोषण के विरुद्ध जन-जागरूकता का प्रसार करना 
- छह वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण की दर को वर्तमान 38.4 फीसदी से कम कर 2022 तक 25 फीसदी पर लाना
- प्रत्येक माह पोषण कैलेंडर के मुताबिक पोषण गतिविधियों का संचालन करना 
- बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम के लिए शिविर का आयोजन 
- पोषण के लिए अनुपूरक आहार वितरण एवं टीकाकरण कार्यक्रमों का संचालन 
- सूक्ष्म पोषक तत्वों की सामुदाय आधारित जानकारी प्रदान करना  

प्रखंडस्तर पर पोषण अभियान की निगरानी व क्रियान्वयन में समन्वयक वं सहायकों की तैनाती से सहायता मिलेगी। समेकित बाल विकास परियोजना के तहत संचालित किए जाने वाले कार्यक्रमों को लाभुकों तक पहुंचाया जा सकेगा।
आलोक कुमार, निदेशक, समेकित बाल विकास परियोजना निदेशालय, बिहार

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