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उनको कब्र मिल जाए मेरी... नीतीश सरकार पर भड़के उत्तरकाशी टनल में फंसे बिहार के सबाह अहमद के पिता

भोजपुर जिले के सबाह अहमद समेत बिहार के भी पांच मजदूर सुरंग में फंसे हुए थे। जैसे ही मजदूरों के सुरंग से बाहर निकलने की खबर इनके परिजनों को मिली, उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

उनको कब्र मिल जाए मेरी... नीतीश सरकार पर भड़के उत्तरकाशी टनल में फंसे बिहार के सबाह अहमद के पिता
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,आराWed, 29 Nov 2023 05:38 PM
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उत्तरकाशी के सिलक्यारा में सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों ने जिंदगी की जंग जीत ली। 17 दिनों से सुरंग में फंसे मजदूर लंबी जद्दोजहद के बाद मंगलवार को मौत के मुंह से बाहर आ गए। भोजपुर जिले के सबाह अहमद समेत बिहार के भी पांच मजदूर सुरंग में फंसे हुए थे। जैसे ही मजदूरों के सुरंग से बाहर निकलने की खबर इनके परिजनों को मिली, उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। इस बीच सबाह अहमद के पिता मिस्बाह अहमद ने एक ओर जहां पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार की जमकर तारीफ की तो वहीं बिहार की नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। 

मिस्बाह अहमद ने कहा कि मेरे बेटा पिछले 17 दिनों से सुरंग में फंसा रहा लेकिन इस दौरान बिहार सरकार की ओर से मेरे पास कोई आया ही नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार क्या देगी, सब सोए हैं और हम कहते उनको कब्र मिल जाए मेरी कि वो सोए रहे हमेशा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिहार में सरकार बेरोजगार नौजवानों को नौकरी देती तो दूसरे राज्यों में हमारे बच्चे मजदूरी करने के लिए क्यों जाते? उन्होंने बताया कि बीते 17 दिनों तक उन लोगों ने बिना ठीक से खाए-पिए अपने पुत्र सहित फंसे सभी मजदूरों की सकुशल वापसी के इंतजार में परवरदिगार से दुआओं में काटा है। ठीक से नींद भी पूरी नहीं हो पा रही थी। बीच-बीच में टनल की बात दिमाग में आते ही नींद टूट जाती थी।

उन्होंने कहा कि मंगलवार की सुबह से ही जल्द से जल्द हमारे बेटा सहित अन्य 40 लोगों के बाहर निकलने की उम्मीद जगी है। इस आस में न भूख लग रही है न प्यास। सकुशल निकालने के प्रयास से मैं और मेरा परिवार बेहद खुश है, लेकिन पूर्णत खुशी मिलने के इंतजार में सुबह से रात हो गई। माता-पिता के अलावा सबाह की पत्नी सीबा खातून, बड़े पुत्र सात वर्षीय मुकर्रम जाहिदी, पुत्री तीन वर्षीया फातिमा और छोटा पुत्र दो वर्षीय अर्श भी अपने पिता से मिलने के लिए काफी उत्साहित हैं। पिता ने बताया कि हमारा बेटा 17 दिनों तक टनल में फंसे होने के बावजूद वह कभी नर्वस नहीं हुए। वे सभी फंसे हुए मजदूरों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी फोन पर ढांढ़स बंधाते रहे हैं। अपने परिजनों को भी दिलासा दिलाते रहे कि उनका बेटा जरूर सकुशल निकलेगा, भले ही देर हो रही है।

उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिल्क्यारा से डंडालगांव नवनिर्माणाधीन टनल में कार्यरत नवयुगा कंपनी में बतौर सेफ्टी सुपरवाइजर सबाह अहमद उर्फ सैफ के रात 8.34 बजे बाहर निकलते ही घर पर जश्न के नारे लगने लगे। मौके पर मौजूद परिजनों सहित गांव वाले भी सैफ के घर पहुंचकर उन्हें बधाई देने लगे। कुछ ही देर बाद सैफ की पत्नी के मोबाइल पर सैफ ने वीडियो कॉल की। इससे मौके पर मौजूद परिजन खुशी से उछल पड़े। सैफ ने सबसे पहले अपने बड़े बेटे मुकर्रम जाहिदी से बात की और खुद के सकुशल होने की बात बताई। ऐसे में परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। लोग एक दूसरे को गले लगाकर बेटे के सकुशल निकलने पर बधाई देते नहीं थक रहे हैं। सैफ के पिता मिस्बाह अहमद, माता शहनाज व बेगम पत्नी शीबा खातून की आंखों से खुशी के आंसू नहीं रुक पा रहै हैं। अब परिजनों को सैफ के घर पहुंचने का इंतजार है।

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