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भारत बंद: बिहार में कांग्रेस विधायक और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प, पुलिस ने भांजी लाठियां

औरंगाबाद

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को लेकर  बंद के दौरान औरंगाबाद में कांग्रेस विधायक आनंद शंकर सिंह और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इसके बाद पहुंची पुलिस ने किसी तरह बीच बचाव कर मामले को शांत किया। बंद समर्थकों ने दो ठेलों पर लदे सामानों को भी फेंक दिया और जमकर हंगामा किया। नगर थानाध्यक्ष राजेश कुमार वर्णवाल तत्काल पहुंचे और फिर दोनों पक्षों को अलग किया।

जानकारी के अनुसार मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष सह भाजपा नेता सुजीत कुमार सिंह ने बाईपास के समीप किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होने देने की घोषणा की थी। फेसबुक पर की गई इस घोषणा के कारण पहले से ही दोनों पक्षों में तनातनी थी। भाजपा नेता और कांग्रेस विधायक एक ही गांव रायपुरा से आते हैं। सुबह में करीब 8:30 बजे विधायक अपने समर्थकों के साथ ओवरब्रिज, बाईपास के समीप पहुंच गए। यहां उन्होंने दुकानों को बंद कराया और बसों का परिचालन ठप करा दिया। इसी दौरान विधायक और भाजपा नेता सुजीत कुमार सिंह के बीच बहस होने लगी। विधायक के द्वारा भाजपा नेताओं को हट जाने को कहा गया जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। नगर थाना के दारोगा ओमप्रकाश कुमार, मुफस्सिल थाना के दारोगा राजकुमार पांडेय ने दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया लेकिन दोनों आपस में ही उलझ गए। इस दौरान लाठी भी चली जिससे भाजपा कार्यकर्ता प्रकाश कुमार सिंह उर्फ सोलंकी को चोट लग गई। सोलंकी ने विधायक पर लाठी चलाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस विधायक के गुंडों ने कई लोगों के साथ मारपीट की है।
इधर विधायक के समर्थक भी बाद में जुट गए और सभी लोग ओवरब्रिज के नीचे धरना पर बैठ गए। दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। महागठबंधन के नेताओं ने जहां लालू यादव, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नाम से जयकारा लगाया वहीं भाजपा नेता नरेंद्र मोदी और भारत माता की जय का नारा लगाते रहे। नगर थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों को हटाया और भारी संख्या में पुलिस बल को यहां बुला लिया गया। एक घंटे के बाद दोनों पक्ष यहां से हट गए।
ठेला पर लदे सामानों को फेंका
बाईपास के समीप ठेला लगाकर सामान की बिक्री करने वालों को परेशानी हुई। रामाबांध के रहने वाले वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता का ठेला फेंक दिया। वे यहां भूंजा बेचते थे। सुबह में ही बंद समर्थक यहां पहुंचे और ठेले को उलट दिया। वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि वह अपना सामान लेकर यहां से हट रहे थे तभी बंद समर्थकों ने उनका ठेला उलट दिया। न्यू एरिया के रामजी प्रसाद का ठेला भी लोगों ने उलट दिया। वह लिट्टी, चोखा की दुकान लगाते थे और उनका सारा सामान सड़क पर ही फेंक दिया गया। दोनों ने कहा कि कुछ लोग झंडा लेकर वहां पहुंचे और उनका सामान उलट दिया। इससे उन्हें खासा नुकसान हुआ है। 
जिले भर में रहा बंद का प्रभाव
महागठबंधन दलों के बंद में शामिल होने की वजह से जिले भर में इसका प्रभाव दिखा। जिला मुख्यालय में दुकान नहीं खुली और बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सदर प्रखंड के एनएच-2 पर पांडेयपुरा गांव के समीप टायर जलाकर आवागमन बाधित कर दिया गया। फेसर में लोगों ने ट्रेनों को रोक दिया और जमकर नारेबाजी की। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने बंद का आह्वान किया था। इस बंद के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल सहित जन अधिकार पार्टी और कई अन्य दल भी सड़क पर उतरे। फेसर में लोगों ने सड़क जाम कर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। यहां पूरे दिन गाड़ियों का परिचालन नहीं के बराबर हुआ। टेंपो भी जहां तहां खड़े रहे और लोग परेशान हुए। 


प्रखंडों में रहा असर, कई जगहों पर मारपीट
भारत बंद का आह्वान करने के बाद सभी प्रखंडों में इसका व्यापक असर देखा गया। वाम दलों ने भी इस बंद में भाग लिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अंबा, बारुण, ओबरा, दाउदनगर, हसपुरा गोह, रफीगंज, मदनपुर और देव में बंद का असर देखा गया। वाहनों का परिचालन बिल्कुल बंद रहा और लोगों को परेशानी हुई। कई जगहों पर सड़क पार करने के क्रम में लोगों के साथ मारपीट भी हुई। पांडेयपुरा गांव के समीप कच्ची सड़क से होकर जा रहे बाइक चालकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और हल्की मारपीट भी हुई। बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत किया।

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  • Web Title:bharat band fight between congress and bjp leaders