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भागलपुर सदर अस्पताल में ये कैसा गड़बड़झाला, ओपीडी में डॉक्टर नहीं, एक्सरे में ताला, इलाज कराने के लिए आए मरीज होते रहे परेशान

भागलपुर हिन्दुस्तान टीमMalay Ojha
Sun, 14 Nov 2021 02:57 PM
भागलपुर सदर अस्पताल में ये कैसा गड़बड़झाला, ओपीडी में डॉक्टर नहीं, एक्सरे में ताला, इलाज कराने के लिए आए मरीज होते रहे परेशान

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सदर अस्पताल में मरीजों का इलाज डॉक्टरों के नहीं, भगवान भरोसे चल रहा है। शनिवार को हिन्दुस्तान की पड़ताल में ओपीडी सेवा के तहत मरीजों की सेवा महज एक कमरे तक सीमित रही तो शिशु एवं गायनी वार्ड में डॉक्टर नहीं होने से मरीज इलाज के लिए परेशान रहे। वहीं बीते तीन सप्ताह से बंद चल रही एक्सरे सेवा शनिवार को भी बंद रही। एक बार फिर यहां पर एक्सरे जांच कराने के लिए आये मरीजों को इलाज के लिए घंटों परेशान होना पड़ा। 

शनिवार सुबह सवा 11 बजे सदर अस्पताल के ओपीडी बिल्डिंग में कक्ष संख्या नौ में ही सामान्य मरीजों का इलाज चल रहा था। वहीं महिला ओपीडी, शिशु रोग ओपीडी, दंत ओपीडी व टीबी ओपीडी कक्ष में कोई डॉक्टर नहीं थे। इस दौरान यहां अपने बच्चे का इलाज कराने के लिए आये बड़ी खंजरपुर निवासी संतोष कुमार ने कहा कि सुबह साढ़े नौ बजे से ही यहां पर हैं। डॉक्टर का पता नहीं है। वहीं गोराडीह की गर्भवती महिला चंद्रकला देवी ने बताया कि उन्हें सात माह का गर्भ है। उनके पैरों में सूजन व पेड़ू में दर्द है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कुंदन शर्मा ने बताया कि वह ओपीडी में बैठे थे। इसी दौरान एसएनसीयू में भर्ती बच्चे को देखने के लिए डॉ. दिव्यांजर्लि ंसह के साथ चले गये थे। एसएनसीयू से लौटे तो बच्चों का इलाज किया। सर्जन डॉ. बिप्लव बलराज भी चैंबर के बाहर खड़े थे।

पड़ताल में पाया गया कि ओपीडी सेंटर के पहले तल पर संचालित 20 बेड के एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) पर एक महिला कर्मचारी मौजूद थी। इस केंद्र पर महज एक कुपोषित बच्चे का इलाज चल रहा था। कोरोना से पहले 20 बेड वाले इस केंद्र पर हर रोज औसतन दो से तीन कुपोषित बच्चे इलाज के लिए आते थे। वहीं 23 अक्टूबर से खराब चल रहा सदर अस्पताल का डिजिटल एक्सरे सेंटर पर शनिवार को भी ताला लटका रहा। यहां पर एक्सरे कराने आये इशाकचक निवासी अवधेश कुमार ने बताया कि वह बीते तीन दिनों से लगातार एक्सरे कराने के लिए आ रहे हैं। अब परेशान हो चुके हैं और निजी सेंटर पर एक्सरे कराने के लिए जा रहे हैं।

ओपीडी चैंबर में डॉक्टरों का नहीं रहना अमानवीय और अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही दर्शाता है। वह इस बाबत ड्यूटी पर तैनात रहे चिकित्सक एवं सदर अस्पताल के प्रभारी से सोमवार को सवाल तलब करेंगे। साथ ही बंद चल रहे एक्सरे सेंटर को जल्द ही शुरू कराया जायेगा।     -डॉ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन भागलपुर 

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