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मोदी मंत्रिपरिषद में सहयोगी दलों का बढ़ा कद, यूपी-बिहार से तीन दलों के नेताओं ने ली शपथ

पटना लखनऊ लाइव हिन्दुस्तानPublished By: Yogesh Yadav
Wed, 07 Jul 2021 07:43 PM
मोदी मंत्रिपरिषद में सहयोगी दलों का बढ़ा कद, यूपी-बिहार से तीन दलों के नेताओं ने ली शपथ

मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद विस्तार में सहयोगी दलों को साधने की पूरी कोशिश की गई है। यूपी-बिहार से तीन दलों के नेताओं को मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। यूपी से एनडीए में शामिल अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाया गया है। बिहार से जदयू के आरसीपी सिंह और लोजपा के पशुपति पारस को शामिल किया गया है। अभी तक मंत्री परिषद में सहयोगी दलों के एकमात्र नेता के रूप में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के रामदास अठावले थे। 

बिहार से मंत्री बने आरसीपी सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य हैं। पशुपति पारस हाजीपुर से लोकसभा सदस्य हैं। अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) की अध्यक्ष और मिर्जापुर से सांसद हैं। इन तीनों नेताओं ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री पद की शपथ ली। मोदी मंत्रिपरिषद में आज 36 नए मंत्री शामिल किए गए हैं और सात मंत्रियों को प्रमोट किया गया है। कुल 43 मंत्रियों ने शपथ ली है। 

बिहार में जेडीयू और बीजेपी गठबंधन की सरकार है। जेडीयू कैबिनेट में अधिक सीटों की मांग कर रही थी हालांकि सिर्फ आरसीपी सिंह ही मंत्री बन सके। वहीं एलजेपी और बीजेपी का गठबंधन है। एलजेपी में हाल ही में टूट पड़ गई थी और चिराग पासवान अलग-थलग पड़ गए थे। पारस को मंत्री बनाने के बाद चिराग को भी एक संदेश दिया गया है। एक तरह से बीजेपी ने मान लिया है कि रामविलास पासवान के असली उत्तराधिकारी पशुपति पारस ही हैं। 

पारस को मंत्री बनाए जाने के फैसले पर चिराग पासवान ने एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि 'पार्टी विरोधी और शीर्ष नेतृत्व को धोखा देने के कारण लोक जनशक्ति पार्टी से पशुपति कुमार पारस जी को पहले ही पार्टी से निष्काषित किया जा चुका है और अब उन्हें केंद्रीय मंत्री मंडल में शामिल करने पर पार्टी कड़ा ऐतराज दर्ज कराती है।

चिराग पासवान ने कहा, ''प्रधानमंत्री जी के इस अधिकार का पूर्ण सम्मान है कि वे अपनी टीम में किसे शामिल करते हैं और किसे नहीं। लेकिन जहां तक एलजेपी का सवाल है पारस जी हमारे दल के सदस्य नहीं हैं। पार्टी को तोड़ने जैसे कार्यों को देखते हुए उन्हें मंत्री, उनके गुट से बनाया जाए तो एलजेपी का कोई लेना देना नहीं है। उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाया गया है। अनुप्रिया पटेल पूर्वांचल के दिग्गज कुर्मी नेता सोनेलाल पटेल की बेटी हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी अनुप्रिया पटेल राज्य मंत्री रह चुकी हैं।

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