ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारNIA की रडार पर उत्तर बिहार के 'AK-47' वाले गैंग, नगालैंड के उग्रवादी संगठनों से जुड़ रहे तार

NIA की रडार पर उत्तर बिहार के 'AK-47' वाले गैंग, नगालैंड के उग्रवादी संगठनों से जुड़ रहे तार

उत्तर बिहार में सक्रिय करीब एक दर्जन से ज्यादा एके-47 वाले गैंग एनआईए की रडार पर आ गए हैं। जिसमें शराब माफिया और क्रिमिनल गैंग शामिल है। इनके तार नगालैंड के उग्रवादियों से भी जुड़े हैं।

NIA की रडार पर उत्तर बिहार के 'AK-47' वाले गैंग, नगालैंड के उग्रवादी संगठनों से जुड़ रहे तार
Sandeepवरीय संवाददाता,मुजफ्फरपुरSat, 18 May 2024 08:15 AM
ऐप पर पढ़ें

एनआईए के रडार पर उत्तर बिहार के एक दर्जन से अधिक एके-47 से लैस आपराधिक गैंग और शराब माफिया आ गए हैं। अहमद अंसारी और उसके साथी जैतपुर के पोखरैरा निवासी विकास कुमार व हाजीपुर के अंजानपीर मोहल्ले के सत्यम कुमार से मिले इनपुट के आधार पर एनआईए सभी गैंग के सत्यापन में जुटी है। पूर्वी चंपारण के मधुबन थाना के बड़ा पाकर निवासी अहमद अंसारी से नगालैंड के दीमापुर में कई उग्रवादी संगठनों से जुड़ाव की जानकारी पुलिस को मिली है। बिहार के आर्म्स तस्कर और हथियार खरीदने वाले अपराधियों को अहमद ने नगालैंड के उग्रवादियों से जोड़ दिया है।

हथियार डील में सेतु का काम करने वाले अहमद अंसारी के जरिए बिहार के अपराधी नगालैंड में एके-47 चलाने का प्रशिक्षण भी लेते हैं। कुढ़नी के मुखिया का पुत्र देवमणि कुमार भी नगालैंड में हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेकर लौटा था। इसके अलावा सितंबर 2023 में दूसरी पार्टी से विकास के जरिए दीमापुर में एके-47 की डील हुई थी। उस डील के समय भी कई दिनों तक अपराधियों ने नगालैंड में होटल में रुककर हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया था। इस तरह एके-47 के साथ उसे ब्रस्ट मोड पर चलाने का प्रशिक्षण लेकर लौटे अपराधी उत्तर बिहार के लिए खतरा बन सकते हैं। 

केंद्रीय एजेंसी भी इस इनपुट के आधार पर पड़ताल में जुटी है। इसके लिए एनआईए के डीएसपी महेंद्र सिंह फकुली ओपी से एफआईआर और अभियुक्तों के स्वीकारोक्ति बयान की प्रति ले चुके हैं। एनआईए के अधिकारियों ने आरोपितों से पूछताछ भी की है। उत्तर बिहार में बड़े पैमाने पर नगालैंड से मंगाई गई एके-47 पुलिस अधिकारियों के लिए चिंता का सबब है। चुनाव के बाद उत्तर बिहार में बड़े पैमाने पर पुलिस टीम ‘ऑपरेशन एके-47’ चलाने की तैयारी में है। इसको लेकर जिला सर्विलांस यूनिट लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही है। उनकी गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।

फकुली के मनकौली गांव से हथियार तस्करों की निशानदेही पर बरामद एके-47 की जांच कराई जाएगी। मारक क्षमता की रिपोर्ट लेकर आगे अनुसंधान किया जाएगा। इसके लिए फकुली थानेदार सह कांड के आईओ ललन कुमार ने कोर्ट में अर्जी दी है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद हथियार की जांच पुलिस लाइन में डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। बताया गया कि एके-47 हथियार पर अंकित आयुध नंबर से ट्रैकिंग हो सकती है। मसलन यह हथियार किस आयुध कारखाना में बना और उसे कहां के किस डीलर को कंपनी ने सप्लाई दी थी। इसके बाद डीलर से पता चलेगा कि इसे किस एजेंसी को सप्लाई दी गई।

मनकौली में पुलिया के नीचे मिले थे एके-47
बीते 7 मई को पुलिस टीम ने पहले मुजफ्फरपुर स्टेशन से हथियार तस्कर विकास और सत्यम को उठाया था। उनके पास से एके-47 का बट और दूरबीन मिला। दोनों से पूछताछ के बाद मनकौली गांव में मुखिया भोला राय का पुत्र देवमणि राय चिह्नित हुआ। देवमणि की गिरफ्तार के बाद उसकी निशानदेही पर श्मशान घाट में पुलिया के नीचे से एके-47 जब्त की गई थी।

सीडीआर से बन रही संदिग्धों की सूची
एके-47 जब्ती मामले में जेल भेजे गए हथियार तस्कर विकास व सत्यम और सप्लायर अहमद अंसारी के मोबाइल कॉल से संदिग्धों की सूची बनाई जा रही है। इस आधार पर आगे ऑपरेशन एके-47 के तहत जांच एजेंसियां सर्च ऑपरेशन चलाएंगी। मोबाइल जांच को पुलिस कोर्ट से अनुमति लेगी। फिर सर्विलांस एक्सपर्ट से मोबाइल की जांच कराई जाएगी।