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13 अप्रैल, 2021|9:04|IST

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चाईबासा IED ब्लास्ट के बाद झारखंड पुलिस रणनीति में बदलाव कर नक्सलियों से निपटने की योजना में जुटी

two jawan of jaguwar shaheed and many injured in blast in west singhbhum district of jharkhand

झारखंड में भाकपा माओवादियों के प्रभाव क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादी संगठन के कैडरों के बीच मुठभेड़ की घटनाएं कम हुई हैं। कैडर और हथियारों की कमी से जूझ रहे भाकपा माओवादी अब सीधे मुठभेड़ के बजाय पुलिस बलों को नुकसान पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर अब झारखंड पुलिस भी माओवादियों ने निपटने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव की योजना बनाने में जुट गई है। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को राज्य पुलिस मुख्यालय में चाईबासा की नक्सली वारदात को लेकर बैठक हुई।

बैठक में राज्य पुलिस के डीजीपी नीरज सिन्हा ने स्पेशल ब्रांच एडीजी मुरारीलाल मीणा, एडीजी अभियान नवीन कुमार सिंह व सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे। राज्य पुलिस के अधिकारियों को जानकारी मिली है कि भाकपा माओवादी चाईबासा समेत राज्य के अन्य हिस्सों में पुलिस बलों को टारगेट करने के लिए नई तकनीकों का सहारा ले रहे हैं। चाईबासा के लांजी पहाड़ में हुए ब्लास्ट के दौरान क्लेमोर माइंस के इस्तेमाल की बात सामने आयी है। चाईबासा में पाइप में नए तरीके की आईईडी प्लांट की गई थी, वहीं लातेहार-गुमला के इलाके में प्रेशर बम के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है। इससे पैदल चलने वाले पुलिस बलों को गंभीर रूप से जख्मी किया जा रहा। माओवादियों से बचने की नई रणनीति पर अधिकारियों ने घंटों माथापच्ची की।

15 दिनों में छह बार टारगेट पर आयी थी चाईबासा पुलिस 
चाईबासा की ही बात करें तो बीते 15 दिनों में छह बार पुलिस को सीधे तौर पर टारगेट करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने तब आईईडी बरामद कर हमले की साजिश को नाकाम कर दिया था। जानकारों के मुताबिक, नक्सली अब सीधी मुठभेड़ के बजाय नई तकनीक की आईईडी, तीर बम, प्रेशर बम जैसी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि स्वयं बचे रहकर पुलिस बलों को टारगेट किया जा सके। माओवादियों ने भी स्मॉल एक्शन टीम बनाई है, जो पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख कर छोटी संख्या में मौजूदगी देख उन्हें टारगेट करती है।

चाईबासा में कब-कब रची गई हमले की साजिश
- एक मार्च : पुलिस बलों को टारगेट करने के लिए सोनुआ के केड़ाबीर, टोला टेंडरकोचा जंगल में भारी मात्रा में हथियार, कोडेक्स वायर, डेटोनेटर, हैंडग्रेनेड समेत कई चीजें रखी गई थीं। जीवन कंडुलना की निशानदेही पर चाईबासा पुलिस ने विस्फोटक व हथियार बरामद किए थे।
- 27 फरवरी: चाईबासा के गुदड़ी इलाके के सोयमारी और दुआरोली में सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी लगाई गई थी, सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने जंगल से दो आईईडी बरामद की थी, वहीं मौके से माओवादी समर्थक बुधु हंसे को गिरफ्तार किया गया था। 
- 19 फरवरी: चाईबासा पुलिस ने छत्तीसगढ़ के जयमन अरकी नाम के माओवादी को गिरफ्तार किया था। जयमन ने पुलिस को बताया था कि गोइलकेरा के वनग्राम केदाबुरू के पास जंगली कच्चा रास्ता में माओवादियों ने सुरक्षाबलों को उड़ाने के उद्देश्य से आईईडी लगाई थी। अभियान के दौरान पुलिस ने पांच-पांच किलो के 21 आईईडी बम सीरीज बरामद किए थे। 
- 16 फरवरी: चक्रधरपुर से सोनुआ जाने वाली पक्की सड़क पर दिग्गी लोटा गांव 14-14 किलोग्राम व गोइलकेरा के नरसंडा गांव से 19-19 किलोग्राम का आईईडी बम बरामद किया गया। 
- 11 फरवरी: पुलिस अधीक्षक चाईबासा को मिली गुप्त सूचना पर चाईबासा पुलिस और सीआरपीएफ 60 बटालियन के द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गोइलकेरा थाना अंतर्गत, कुइरा से गितीलिपि जाने वाली मुख्य पक्की सड़क को सर्च के दौरान 40 - 40 केजी के दो आईडी बम बरामद किए गए थे। ये आईइडी केन बम भाकपा (माओवादी) द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य लगाया गया था l
- 7 फरवरी: चाईबासा के टोकलो में पुलिस बलों के आईइडी से उड़ाने की कोशिश हुई थी, तब मुठभेड़ में एक जवान को कंधे में गोली लगी थी, आईइडी बम भी पुलिस ने बरामद किया था।
 

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  • Web Title:after Naxalite Attack on Security forces in Chaibasa now Jharkhand Police change in plans for deal with Naxalites by changing strategy