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हिंदी बेल्ट में हार के बाद बिहार में कांग्रेस दबाव में, इंडिया गठबंधन में कैसी होगी सीट शेयरिंग?

आगामी लोकसभा चुनाव 2024 से पहले तीन हिंदी भाषी राज्यों में जीत ने जहां भाजपा में नए सिरे से उत्साह का संचार कर दिया है, वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव किसी भारी झटके से कम नहीं है।

हिंदी बेल्ट में हार के बाद बिहार में कांग्रेस दबाव में, इंडिया गठबंधन में कैसी होगी सीट शेयरिंग?
Malay Ojhaलाइव हिन्दुस्तान,पटनाSun, 03 Dec 2023 06:59 PM
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लोकसभा चुनाव का सेमी फाइनल कहे जा रहे चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश में जहां उसने जबरदस्त प्रदर्शन के साथ सत्ता बरकरार रखी है तो वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में उसने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया है। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले तीन हिंदी भाषी राज्यों में जीत ने जहां भाजपा में नए सिरे से उत्साह का संचार कर दिया है, वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव किसी भारी झटके से कम नहीं है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को लोकसभा चुनाव में पटखनी देने के लिए बनी इंडिया गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है। अब सबसे बड़ा सवाल उठता है कि इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला क्या होगा?

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली हार के बाद अब क्षेत्रीय दलों के लिए लोकसभा चुनाव से पहले सीट शेयरिंग को लेकर मोलतोल करना आसान हो गया है। बिहार की बात करें तो यहां नीतीश कुमार की जेडीयू और लालू प्रसाद यादव की आरजेडी सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस पर दबाव की राजनीति भी कर सकती है। नीतीश कुमार ने तो पहले की कह दिया था कि कांग्रेस का सारा फोकस विधानसभा चुनाव पर है, इसीलिए सीट शेयरिंग को लेकर अभी तक कोई फाइनल बात नहीं हो पा रही है। वहीं कुछ दिन पहले आरजेडी प्रमुख लालू यादव का बयान सामने आया था कि नीतीश कुमार का कोई मुकाबला नहीं है। बता दें कि कांग्रेस ने इन पांच राज्यों के चुनाव में अपने इंडिया गठबंधन के साथियों को खासा नाराज कर दिया था। मध्य प्रदेश में दोनों (समाजवादी पार्टी और जेडीयू) कुछ सीटों की उम्मीद लगाए बैठी थीं। लेकिन कांग्रेस ने किसी को भी एक सीट नहीं छोड़ी।  

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इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर उसे आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल अपने दम पर जीतने में सक्षम नहीं है। जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव के परिणाम कांग्रेस की पराजय और भाजपा की विजय का संकेत देते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों में विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन गायब था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार पर निराशा जताते हुए कहा कि उनका दल इन राज्यों में खुद को मजबूत करेगा तथा विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के घटक दलों के साथ मिलकर अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपने आपको तैयार करेगा। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा कि वह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का जनादेश विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हैं तथा विचारधारा की लड़ाई जारी रखेंगे। 

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