पटना में फुटपाथ विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन बनाने की हो रही कार्रवाई
बिहार सरकार ने बुधवार को कहा कि राजधानी पटना में फुटपाथ विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन बनाकर स्थान उपलब्ध कराने की योजना पर कार्रवाई की जा रही है। विधान परिषद में डिप्टी सीएम सह नगर विकास एवं आवास...

बिहार सरकार ने बुधवार को कहा कि राजधानी पटना में फुटपाथ विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन बनाकर स्थान उपलब्ध कराने की योजना पर कार्रवाई की जा रही है। विधान परिषद में डिप्टी सीएम सह नगर विकास एवं आवास मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के केदारनाथ पांडे के एक अल्प सूचित प्रश्न के उत्तर में कहा कि छोटे-छोटे दुकानदार जो फुटपाथ पर अपने सामानों की बिक्री करते हैं, उनके लिए राजधानी पटना में वेंडिंग जोन बनाकर स्थान उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे छोटे दुकानदारों के लिए पटना नगर निगम की ओर से 34 वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव विभाग को दिया गया है।
प्रसाद ने कहा कि प्रस्ताव मिलने के बाद इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तेरह वेंडिंग जोन का निमार्ण कार्य चिन्हित स्थल पर पूरा कर लिया गया है जबकि दो वेंडिंग जोन निमार्णाधीन है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अन्य वेंडिंग जोन का जल्द से जल्द निमार्ण कराया जाएगा। मंत्री ने कहा कि नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान समय-समय पर चलाया जाता है। इसी तरह से अंचल स्तर पर भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से इस वर्ष 25 फरवरी को ही पटना नगर निगम के आयुक्त को जिला प्रशासन के सहयोग से सड़कों एवं फुटपाथों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
डिप्टी सीएम ने राष्ट्रीय जनता दल के रामचंद्र पूर्वे के एक अल्प सूचित सवाल के जवाब में कहा कि वर्ष 2019 में पटना में भारी बारिश होने से पंप चेंबर के अंदर बारिश का पानी प्रवेश कर जाने से बोरिंग का पानी तत्कालिक रूप से दूषित हो गया था। तत्काल पानी की जांच के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को भेजा गया, जिसमें तीन पंप का पानी छोड़कर सभी पानी मापदंड के अनुरूप पाया गया।
मंत्री ने कहा कि पटना के चौधरी टोला, टेकारी रोड एवं कंकड़बाग के डिफेंस कॉलोनी का पानी जांच के बाद अंशत: दूषित पाया गया, जिसका ट्रीटमेंट कराया गया। बोरवेल की सफाई के बाद फिर से पानी की जांच के लिए भेजा गया, जिसे शुद्ध पाया गया है। उन्होंने कहा कि पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी भी है। सभी नगर निगमों में जल मीनार तथा वाटर टैंक हैं जिनकी नियमित सफाई के साथ उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाता है।
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Abhishek Tiwariअभिषेक तिवारी
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