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27 दिसंबर, 2020|1:37|IST

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घरवालों का आरोप, सुशांत के शरीर पर चोट के निशान थे, मुंबई पुलिस ने छिपाया

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद नये-नये तथ्य सामने आ रहे हैं। सुशांत के करीबी और घरवालों का कहना है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे। गले का निशान भी संदिग्ध है। मुंबई पुलिस ने इस बात पर पर्दा डाला है। इन्हीं कारणों से मुंबई पुलिस सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पटना की एसआईटी के हवाले नहीं करना चाह रही थी। उनकी मौत के बाद कौन से सामानों को घटनास्स्थल के आसपास से जब्त किया गया, इसकी जानकारी भी पटना पुलिस को नहीं दी गयी। 

पटना पुलिस के सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चल जाता कि सुशांत के शरीर पर किसी तरह की चोट थी या नहीं। मुंबई पुलिस के पीएम रिपोर्ट देने से इंकार करने के बाद पटना पुलिस की टीम उस अस्पताल में गयी] जहां सुशांत के शव का पोस्टमार्टम हुआ था। लेकिन वहां भी पटना पुलिस की टीम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से इंकार कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो यह सब कुछ महाराष्ट्र के बड़े पुलिस अधिकारियों के इशारे पर हो रहा था। 

जिससे पूछताछ करनी थी उसे ही छोड़ दिया
दूसरी ओर सुशांत के करीबी यह भी आरोप लगा रहे हैं कि जिन लोगों से पूछताछ करनी थी मुंबई पुलिस ने उन्हें ही छोड़ दिया। उसके एक अफसर रिया के साथ मोबाइल पर बातचीत करते थे। रिया से इस बारे में कभी भी पूछताछ नहीं की गयी न ही उसकी कारस्तानी को मुंबई पुलिस सभी के सामने ला सकी। 

बहन के आने से पहले ही फंदे से उतार दिया शव 
बीते 14 जून को जब सुशांत कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहे थे तो सिद्धार्थ पिठानी ने उनकी बहन को कॉल किया। अभी सुशांत की बहन उनके घर पहुंचने ही वाली थी कि तब तक उनका शव फंदे से उतारकर नीचे रख दिया गया। आरोपों की मानें तो सुशांत के किसी भी करीबी ने उन्हें फंदे से लटकते नहीं देखा। 

गर्दन पर निशान लग रहे संदिग्ध
सुशांत के गर्दन पर दिख रहे निशान को भी उनके करीबी संदिग्ध बता रहे हैं। किसी भी फांसी लगाने वाले व्यक्ति के गर्दन पर वैसे निशान नहीं होते हैं। जांच टीम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने के बाद ही कई चीजें स्पष्ट होंगी। 

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  • Web Title:accused of family members Sushant singh rajput dead body had bruises mumbai police hid