DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  40% दुर्घटना हेलमेट नहीं पहनने के कारण: बिहार में जागरूकता बेअसर, हेलमेट पहनने वालों की संख्या घटी

बिहार40% दुर्घटना हेलमेट नहीं पहनने के कारण: बिहार में जागरूकता बेअसर, हेलमेट पहनने वालों की संख्या घटी

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Tue, 01 Jun 2021 04:56 PM
40% दुर्घटना हेलमेट नहीं पहनने के कारण: बिहार में जागरूकता बेअसर, हेलमेट पहनने वालों की संख्या घटी

बिहार में सड़क दुर्घटना कम करने के लिए चलाए जा रहे तमाम जागरूकता कार्यक्रम का कोई असर नहीं दिख रहा है। पुलिस प्रशासन की दबिश के बावजूद बिहार में हेलमेट पहनने वालों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है। राज्य के आधे से अधिक जिलों के लोग पहले की तुलना में कम हेलमेट पहन रहे हैं। वैसे राज्यव्यापी स्तर पर बिहार में हेलमेट पहनने वालों की संख्या में 1.68 फीसदी की मामूली वृद्धि हुई है।

परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार  भागलपुर, दरभंगा और छपरा में  एक चौथाई से अधिक लोग हेलमेट पहनना कम कर दिए हैं। यह स्थिति तब है जब बिहार में मोटरसाइकिल दुर्घटना में मरने वालों में 40 फीसदी से अधिक वैसे लोग होते हैं जो हेलमेट नहीं पहने होते हैं। हालांकि बक्सर, गोपालगंज और नवादा जिले में हेलमेट पहनने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। हेलमेट पहनने को लेकर परिवहन विभाग ने जिलों से तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी थी। जिलावार इस रिपोर्ट में यह साफ है कि राज्य के 20 जिले ऐसे हैं जहां पिछले वर्ष की तुलना में अब लोगों ने हेलमेट पहनना कम कर दिया है। शिवहर पटना, मधुबनी, खगड़िया, समस्तीपुर और मुंगेर ऐसे जिले हैं जहां 10% से अधिक लोगों ने हेलमेट पहनना कम किया है। जबकि अररिया, सुपौल, बेगूसराय, सीवान, सहरसा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी में शून्य से 10 फीसदी के बीच लोगों ने हेलमेट पहनना कम किया है।

वहीं 18 जिले में हेलमेट पढ़ने वालों की दिलचस्पी बढ़ी है। अरवल, जमुई, किशनगंज, बेतिया, जहानाबाद, कटिहार, शेखपुरा, नवादा, गया और भभुआ में 10 से 30 फीसदी के बीच तो औरंगाबाद, पूर्णिया, बांका, लखीसराय और मधेपुरा में शून्य से 10 फीसदी के बीच हेलमेट पहनने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। 

परिवहन विभाग ने दिसंबर 21 तक राज्य के सभी मोटरसाइकिल सवारों को हेलमेट पहनाने का लक्ष्य तय किया है। लेकिन जिस तरह से राजधानी सहित तमाम बड़े शहरों में हेलमेट पहनने वालों की संख्या में कमी आई है, उससे विभाग का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है। खासकर विभाग की पूरी कोशिश के बावजूद पटना में हेलमेट पहनने वालों की संख्या में 11 फीसदी की कमी होना इस बात का प्रतीक है कि विभाग के स्तर पर कहीं ना कहीं लापरवाही हो रही है। पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर विभाग को ऐसी नीति बनाने की जरूरत है कि शत- प्रतिशत लोग हेलमेट पहनें।

परिवहन विभाग ने 2020 में 8483 लोगों को हेलमेट नहीं पहनने के आरोप में पकड़ा और उनसे एक करोड़ 62 लाख  25 हजार  की वसूली की। पुलिस की ओर से 3399 लोगों को बिना हेलमेट पकड़ा गया और उनसे 35 करोड़ 6 1 लाख 25 हजार की वसूली की गई। धर-पकड़  के बावजूद  हेलमेट  पहनने वालों कमी से यह साफ है कि जुर्माना वसूलने के अलावा लोगों को सतर्क व सचेत किया जाये। 

12 जिलों में बढ़ी सड़क दुर्घटना
जहानाबाद, पश्चिम चंपारण,  नालंदा, सीतामढ़ी , बक्सर, सहरसा, गोपालगंज, वैशाली, बांका, भागलपुर , रोहतास व पूर्वी चंपारण 

बेहतर तीन वृद्धि वाले जिले
बक्सर- 35.80 फीसदी 
गोपालगंज- 31.50 फीसदी
नवादा- 30.05 फीसदी

तीन जिले जहां कमी आई
भागलपुर- 31.35 फीसदी
दरभंगा- 24.41 फीसदी
छपरा- 24 फीसदी

संबंधित खबरें