2024 चुनाव से पहले बिहार में गांवों के रोड हो जाएंगे चकाचक, तेजस्वी का 17 हजार किमी सड़कें बनाने का लक्ष्य
इन सड़कों के निर्माण का मकसद ज्यादा से ज्यादा बसावटों और टोलों को रोड की कनेक्टिविटी देना है। ग्रामीण कार्य विभाग ने अपने सभी इंजीनियरों को सड़कों का निर्माण बेहतर तरीके से करने का निर्देश दिया।

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बिहार में गांवों के रोड चकाचक हो जाएंगे। नीतीश सरकार ने जनवरी 2024 तक राज्य में 17 हजार किलोमीटर की ग्रामीण सड़कें बनाने का लक्ष्य रखा है। डिप्टी सीएम एवं ग्रामीण कार्य मंत्री तेजस्वी यादव ने अधिकारियों को इस काम पर जुट जाने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अभियंता इसे हर हाल में पूरा करने में लग गए हैं। बताया जा रहा है कि 8000 किलोमीटर की सड़कें मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनाई जाएगी। वहीं, 9000 किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों का मेंटनेंस कराकर उन्हें चकाचक किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, जिन सड़कों को 31 जनवरी 2024 तक पूर्ण करना है उनमें करीब 4000 किमी लंबी सड़कों का निर्माण इसी जून में 30 तारीख तक करने का लक्ष्य है। बरसात से पहले इन्हें चकाचक कर लेना है। अन्य 5000 किमी लंबी सड़कों का निर्माण शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। इन्हें भी बरसात के पहले अधिकतर काम करने का निर्देश दिया गया है।
इन सड़कों के निर्माण का मकसद ज्यादा से ज्यादा बसावटों और टोलों को रोड की कनेक्टिविटी देना है। ग्रामीण कार्य विभाग ने अपने सभी इंजीनियरों को सड़कों का निर्माण बेहतर तरीके से समयसीमा में करने का निर्देश दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ग्रामीण सड़कों को चकाचक करने का नीतीश सरकार का कदम चुनावी है। लोकसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय बचा है। जिन गांवों में आज तक पक्की सड़क की सुविधा नहीं पहुंची है, उनमें रोड बनवाकर ग्रामीण वोटबैंक को लुभाया जा सकता है। हालांकि, इसका चुनाव में कितना प्रभाव पड़ेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


