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बिहार में नौकरी के 17 माह बनाम 17 साल; नीतीश की JDU ने तेजस्वी को पोस्टर से दिया क्रेडिट लेने का जवाब

पटना में जेडीयू कार्यालय पर एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया। पोस्टर में नीतीश कुमार की तस्वीर है। इसमें लिखा गया है रोजगार मतलब नीतीश कुमार। उधर तेजस्वी दावा करते हैं कि 17 माह में 5 लाख नौकरी हमने दी।

बिहार में नौकरी के 17 माह बनाम 17 साल; नीतीश की JDU ने तेजस्वी को पोस्टर से दिया क्रेडिट लेने का जवाब
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटनाMon, 04 Mar 2024 06:03 PM
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जनविश्वास रैली का आयोजन कर लालू यादव की पार्टी राजद और महागठबंधन के सहयोगी दलों ने बिहार में लोकसभा चुनाव 2024 का शंखनाद रविवार को कर दिया। तेजस्वी यादव के 17 महीने के कार्यकाल में दी गई सरकारी नौकरी को लेकर आरजेडी चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। सरकारी नौकरियों के क्रेडिट की होड़ मची है। जनविश्वास यात्रा से जनविश्वास रैली तक तेजस्वी यादव की जुबान पर 17 महीना बनाम 17 साल में सरकारी नौकरी का नारा छाया रहा। नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने पोस्टर के जरिए तेजस्वी यादव को जवाब दिया है।

सोमवार को पटना में जेडीयू कार्यालय पर एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया।  पोस्टर में नीतीश कुमार की तस्वीर है। इसमें लिखा गया है रोजगार मतलब नीतीश कुमार। पहले से भी जेडीयू और बीजेपी के नेता कहते आ रहे हैं कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चल रही थी तो तेजस्वी यादव ने कैसे नोकरी दे दी। लेकिन जिलों के दौरे के बाद  रविवार को पटना के गांधी मैदान में जन विश्वास महारैली का आयोजन किया गया था उसमें  तेजस्वी यादव ने रोजगार पर नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया था। तेजस्वी के इस दावे को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीपीआई एम के सीताराम येचुरी समेत भाषण करने वाले भी नेताओं ने समर्थन देकर बल प्रदान किया। पिता लालू प्रसाद और भाई तेजप्रताप यादव ने तो तेजस्वी की तारीफ में जमकर कशीदे कढ़े।

तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी आरजेडी का नई परिभाषा भी समझाई। कहा कि R का मतलब है राइट्स अर्थात अधिकार, J का मतलब है जॉब यानी नौकरी और D का मतलब है डेवलपमेंट यानी विकास। कुल मिलाकर बिहार में दी गयी सरकारी नौकरियों को तेजस्वी अपने खाते में समेटना चाहते हैं।

लेकिन जेडीयू और बीजेपी यह क्रेडिट नीतीश कुमार को देना चाहते हैं। एनडीए की सरकार बनने के बाद भी बिहार में नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं। शिक्षा विभाग के लिए बीपीएससी द्वारा दो वैकेंसी निकाली गयी है। एऩडीए का कहना है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार को रणनीति तय करती है उसपर काम करते हुए बेरोजगारों को नौकरी और रोजगार दिया जा रहा है। इसमें तेजस्वी यादव का कोई योगदान नहीं है।

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