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24 मई, 2020|11:58|IST

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1600 करोड़ का सृजन घोटालाः CBI की बड़ी कार्रवाई, मनोरमा के बेटे-बहू फरार घोषित

सृजन घोटाला

1600 करोड़ के सृजन घोटाले में सीबीआई ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने मुख्य आरोप मनोरमा देवी के बेटे-बहू को फरार घोषित करते हुए उनके घरों पर इश्तेहार चस्पा किया है। मनोरमा देवी के बेटे अमित कुमार और बहु रजनी प्रिया को फरार घोषित करते हुए उनके घर के अलावा भागलपुर में एटीएम, थाना, स्टेशन, पोस्टऑफिस में भी उनके फरार होने का इश्तेहार चस्पा किया गया है। घोटाले के सामने आते ही दोनों पति पत्नी फरार हो गए थे। दोनों के विदेश भागने की आशंका जताई जा रही है। सीबीआई ने कहा है कि अगर दोनों आरोपी 30 दिनों में पकड़ में नहीं आये तो उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।

फ्लैशबैक

साल 2017 के अगस्त माह में भागलपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी आदेश तितरमारे का साइन किया हुआ चेक बैंक ने वापस कर दिया था। इसेक पीछे बैंक ने तर्क दिया था कि खाते में पर्याप्त रकम नहीं है। इस बात पर जिलाधिकारी हैरान रह गए थे और मामले की तह तक जाने के लिए इसपर एक जांच कमेटी बैठा दी थी। कमेटी ने चांज रिपोर्ट सौंपी तो पता चला कि इंडियन बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा स्थित सरकारी खातों में पैसे नहीं हैं। जांच कमेट की रिपोर्ट पर उन्होंने मामले से जुड़ी पूरी जानकारी राज्य सरकार को दी और इसके बाद परत दर परत सृजन घोटाले की सच्चाई लोगों के सामने आने लगी।

सृजन घोटाला ही क्यों पड़ा नाम

इस घोटाले का नाम 'सृजन घोटाला' इसलिए रखा गया क्योंकि कई सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय खातों में न जाकर या वहां से निकालकर 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति' नाम के एनजीओ के छह खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। फिर इस एनजीओ के कर्ता-धर्ता जिला प्रशासन और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी पैसे को इधर-उधर कर देते थे। बड़ी साजिश को भांपते हुए तब बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने बिहार पुलिस के आर्थिक अपराध इकाई को इस घोटाले के खुलासे की जिम्मेदारी सौंप दी। सीएम के आदेशानुसार विशेष जांच दल भागलपुर पहुंचा। इसका नेतृत्व आईजी रैंक के पुलिस अधिकारी जेएस गंगवार कर रहे थे। जांच दल को तीन दिन यह समझने में लग गए कि सरकारी खाते का पैसा एक एनजीओ के खाते में कैसे जा रहा है।

44 लोगों के खिलाफ चार्जशीट

सृजन घोटाले के तीन मामलों में सृजन महिला विकास सहयोग समिति की सचिव रजनी प्रिया, संचालिका रहीं मनोरमा देवी और उनके बेटे अमित कुमार समेत 44 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने बीते माह सितंबर में पटना सिविल कोर्ट की विशेष न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। इन तीनों मामलों में जिन 44 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, डूडा, कल्याण व सहरसा विशेष भू-अर्जन कार्यालय के अफसर व कर्मचारी शामिल हैं। आरोपितों में स्वयंसेवी संस्था सृजन की अध्यक्ष शुभ लक्ष्मी प्रसाद, मैनेजर सरिता झा, संयोजक मनोरमा के पुत्र अमित कुमार, बैंक और बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक नैयर आलम, पूर्व मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार सिंह, बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक दिलीप कुमार ठाकुर, डूडा के कार्यपालक अभियंता नागेंद्र भगत, रंजन कुमार समैयार, मनोज कुमार शामिल हैं।

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  • Web Title:1600 crore srijan scam CBI s big action Manorama s son and daughter in law declared absconding