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जय बाबा हरिहरनाथ का उद्घोष, सोनपुर मेले में 10 लाख श्रद्धालु पहुंचे  

जय बाबा हरिहरनाथ और जय हे गंगा मइया के उद्घोष से हरिहरक्षेत्र गूंज उठा है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए हाजीपुर और सोनपुर में गंडक नदी  और पहलेजाधाम में गंगा के तट पर शुक्रवार की शाम तक दस लाख से भीड़ अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। मध्य रात के बाद पूर्णिमा स्नान शुरू होकर शनिवार की दोपहर तक जारी रहेगा। नदी घाटों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। 
मेले के आस्था के केन्द्र सोनपुर के हहिरनाथ मंदिर से काली घाट, गजेन्द्र मोक्ष घाट, पुल घाट होते सवाइच घाट तक सारण जिला प्रशासन की ओर से तीन पालियों में एक सौ से अधिक दंडाधिकारी, इतने ही पुलिस  पदाधिकारी और तीन सौ से अधिक जवान तैनात हैं। मोटरबोट पर एनडीआरएएफ और एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर गश्त  कर रहे हैं। 
इधर ऐतिहासिक कोनहारा घाट से पुल घाट तक वैशाली जिला प्रशासन की और से सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। रामाशीष चौक  से गंडक नदी के घाटों तक  डेढ़ सौ से अधिक दंडाधिकारी और पांच सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। सोनपुर गजेन्द्र मोक्ष घाट पर देवस्थानम के पीठाधीश्वर स्वामी लक्ष्मणाचार्य के नेतृत्व में रात 2 बजकर 55 मिनट पर शाही स्नान किया जाएगा।

कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए रेल और सड़क मार्ग से तीर्थयात्रियों का हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में आना  लगातार जारी है। शुक्रवार की देर शाम तक छपरा,सीवान, गोपालगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पटना,नालंदा आदि जिलों से  तीर्थयात्री ट्रेनों और विभिन्न वाहनों से यहां पहुंचे चुके हैं। दूसरी ओर स्थानीय विधायक प्रो. रामानुज प्रसाद ने सोनपुर और पहलेजाघाट धाम स्थित गंगा- गंडक नदी के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। तीर्थयात्रियों में ज्यादा   संख्या महिलाओं की है।

वे गीत गाते हुए नदी घाटों की ओर आगे बढ़ रही हैं। उनके साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चे भी हैं।  इधर पहलेजाधाम में संतों का जमावड़ा लगा हुआ है। वहां गंगा नदी के किनारे विगत एक माह से सैकड़ों श्रद्धालु नर- नारी भी कल्पवास कर रहे हैं। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के साथ ही उनका कल्पवास भी समाप्त हो जायेगा।  
हरिहरक्षेत्र में लगेगा अमृत स्नान कुंभ मेला 
सोनपुर मेला  |  हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

देश भर के श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर है। रामानुजम् संप्रदाय ने गजेन्द्र मोक्ष व कई पौराणकि कथाओं की भूमि हरिहरक्षेत्र में गंगा-गंडक के तट पर 2019 में अमृत स्नान कुंभ मेला लगाने का प्रस्ताव पारित किया है।
 गजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम् में शुक्रवार को धर्माचार्यों की ह़ुई धर्म सभा में यह प्रस्ताव लिया गया। बैठक का यह निर्णय संदेश के रूप मे देश भर के धर्माचार्यों को भेजा जा रहा है। धर्मसभा की अध्यक्षता करते हुए देवस्थानम् के पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने अमृत स्नान कुंभ लगाने के पक्ष में कई पौराणिक तथ्य प्रस्तुत किए और कहा कि प्राचीन काल में इस भूमि होकर ही समुद्र बहा करता था और यहीं समुद्र मंथन भी हुआ था जिसमें अन्य रत्नों के साथ अमृत भी निकला। इतना ही नहीं अपने गुरु एवं अनुज लक्ष्मण के साथ जनकपुर जाने के दौरान भगवान श्रीराम हरिहरक्षेत्र के रामभद्र में रुके थे जिसकी स्मृति में वहां एक मंदिर है जिसे रामचौड़ा मंदिर कहा जाता है। स्वामी नारायण संप्रदाय के संस्थापक नारायण स्वामी भी यहां पड़ाव डाला था। जगदग़ुरु स्वामी बल्लभाचार्य ने इसी क्षेत्र में चातुर्मास किया था। महाप्रभुजी की बैठक भी हरिहरक्षेत्र में ही है। 
यह महाक्षेत्र वर्तमान में सोनपुर, हाजीपुर और पटना के बड़े भाग तक फैला है। स्कंध पुराण, वाराह पुराण, श्रीमद्भागवत आदि धर्मग्रंथों में इस महाक्षेत्र से जुड़ी कथाओं का उल्लेख है। हरिहरक्षेत्र में गंडक नदी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान का विशेष महत्व है।  

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  • Web Title:10 lakh pilgrims arrive at Sonpur fair