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बिहारमायागंज अस्पताल में बच्चों के लिए खुलेगा 10 बेड का पीकू, कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारी

भागलपुर हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Tue, 01 Jun 2021 02:50 PM
मायागंज अस्पताल में बच्चों के लिए खुलेगा 10 बेड का पीकू, कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारी

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर मायागंज अस्पताल में चल रही तैयारियों को लेकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि अस्पताल में बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए आईसीयू की तर्ज पर वार्ड बनाये जाने की जरूरत है। 

उन्होंने निर्णय लिया कि पीजी शिशु रोग विभाग में न केवल दस बेड का पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) बनाया जायेगा बल्कि एमसीएच कोरोना आइसोलेशन वार्ड में बने ऑक्सीजन के मेनीफोल्ड से कनेक्शन लेकर शिशु विभाग में भी अतिरिक्त मेनिफोल्ड बनाया जायेगा। इससे भविष्य में कोरोना से संक्रमित होकर भर्ती होने वाले बच्चों को पर्याप्त प्रवाह के साथ ऑक्सीजन दिया जा सके। इसको बनाये जाने को लेकर कार्यदायी एजेंसी ने अधीक्षक से 15 दिन की मोहलत मांगी, लेकिन अधीक्षक ने कहा कि समय ज्यादा नहीं है। युद्धस्तर पर काम करके इसे सात दिन के अंदर तैयार कर दें। इस मौके पर पीजी शिशु रोग विभाग के डॉक्टरों ने अधीक्षक को सुझाव दिया कि अगर वार्ड के अंदर ही पीकू रहता है तो इससे सामान्य कोरोना संक्रमित बच्चों के साथ पीकू में भर्ती बच्चों की सेहत पर आसानी से नजर रखी जी सकेगी। 

वेटिंग हाल में गंदगी देख बिफरे अधीक्षक
अस्पताल के निरीक्षण के क्रम में अस्पताल अधीक्षक ने इमरजेंसी के वेटिंग हाल के पास गंदगी देख वहां मौजूद सुपरवाइजर पर बिफरते हुए जमकर डांट पिलायी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी गलती दुबारा हुई तो कड़ी कार्रवाई की जायेगी। निरीक्षण के क्रम में अधीक्षक ने आईसीयू के बगल में स्थित आयुष्मान भारत सेंटर के बाहर बड़ा होर्डिंग लगाने का निर्देश हॉस्पिटल मैनेजर सुनील कुमार गुप्ता को दिया। अधीक्षक ने अपने कार्यालय में अस्पताल के हेल्थ मैनेजर, हॉस्पिटल मैनेजर आदि के साथ बैठक की। बैठक में तय हुआ कि अस्पताल में बने नये ऑक्सीजन प्लांट से कान, नाक व गला रोग विभाग को सीधा जोड़ा जाएगा। साथ ही इस प्लांट से सर्जरी, हड्डी रोग एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को भी जोड़ा जायेगा। जबकि पुराने ऑक्सीजन प्लांट से आईसीयू एवं मेडिसिन विभाग को ही जोड़ा जाएगा। जिससे पर्याप्त फ्लो के साथ मरीजों को ऑक्सीजन मिल सके। 

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