
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की मान्यता पर संकट क्यों, वेबसाइट भी बंद
संक्षेप:
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना की वेबसाइट बंद होने से कॉलेज के रजिस्ट्रेशन का रिन्युअल नहीं हो रहा है। कई तरह की जानकारियां डॉक्वरों व छात्रों को नहीं मिल पा रही हैं।
Jun 03, 2025 07:57 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान, कार्यालय संवाददाता, पटना
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना की मान्यता पर फिर संकट आ गया है। कॉलेज की वेबसाइट बंद हो गई है। एनसीआईएसएम दिल्ली के निर्देश के अनुसार सभी जानकारियां वेबसाइट पर होनी चाहिए। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वेबसाइट का जिम्मा संभाल रही निजी कंपनी को भुगतान नहीं देने के चलते उसने रखरखाव करना बंद कर दिया।

पिछले साल नवम्बर में प्राचार्य प्रो. डॉ. संपूर्णानंद तिवारी के सेवानिवृत्त होने के बाद कार्यकारी प्राचार्य के तौर पर डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया को बनाया गया। लेकिन इनको आयुष व स्वास्थ्य विभाग की ओर से वित्तीय अधिकार नहीं दिया गया। वहीं वेबसाइट बंद होने से कॉलेज के रजिस्ट्रेशन का रिन्युअल नहीं हो रहा है। कई तरह की जानकारियां डॉक्वरों व छात्रों को नहीं मिल पा रही हैं।

लेखक के बारे में
Nishant Nandanएक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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