पाटलिपुत्र टाउनशिप में 651 एकड़ में बनेगा स्पोर्ट्स हब, गोल्फ कोर्स और ओलंपिक मानकों के तहत सुविधा
पाटलिपुत्र टाउनशिप में खेल प्रेमियों के लिए बहुत कुछ होगा। इस टाउनशिप में स्पोर्ट्स हब बनेगा। इसमें खिलाड़ियों को ओलंपिक मानकों के तहत सुविधा मिलेगी। यहां 187 एकड़ में गोल्फ कोर्स बनेगा।

पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप में 651 एकड़ में स्पोर्ट्स हब विकसित होगा। इसके अंतर्गत करीब 225 एकड़ में स्पोर्ट्स सिटी, 187 एकड़ में गोल्फ कोर्स और 239 एकड़ में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने का प्रस्ताव है। नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने टाउनशिप में स्पोर्ट्स सिटी के प्रावधान और खेल सुविधाओं के विकास पर हुई बैठक के बाद मंगलवार को यह जानकारी दी। बैठक में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह भी मौजूद रहीं। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी में विभिन्न खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं तथा खिलाड़ियों के अनुकूल सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के जरिए टाउनशिप में खेल गतिविधियों के लिए व्यापक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी उद्देश्य के अनुरूप राज्य में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना का विकास किया जा रहा है। बैठक में नगर विकास प्रधान सचिव विनय कुमार, खेल विभाग सचिव दीपक आनंद, खेल विभाग निदेशक आरिफ अहसन आदि मौजूद रहे।
ओलंपिक मानकों के अनुरूप खेल सुविधाएं होंगी : श्रेयसी
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य की सभी 12 प्रस्तावित टाउनशिप में खेल सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक भूमि को चिह्नित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक टाउनशिप में बेहतर खेल अवसंरचना विकसित की जा सके। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रस्तावित खेल सुविधाओं को ओलंपिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे बिहार में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए सक्षम आधारभूत संरचना तैयार हो। राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध हो सकें।
सात हजार ग्राम पंचायतों में बने खेल क्लब को नहीं मिली सामग्री
राज्य की ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में खेल क्लब के गठन हुए छह माह से अधिक हो गए हैं पर अब तक इन क्लबों को खेल सामग्री नहीं मिली सकी हैं। इस कारण गठन के बाद भी खेल क्लब सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में करीब सात हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा 150 से अधिक नगर निकायों में खेल क्लब गठित हैं। शेष पंचायतों और निकायों में खेल क्लब के गठन की कार्रवाई चल रही है।
खेल क्लबों के गठन का मकसद हर पंचायत और निकाय में स्थानीय खेलों को प्रोत्साहित करना और खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास की सुविधा प्रदान करना है। ताकि, बेहतर खिलाड़ी तैयार हों और कम उम्र में उनकी प्रतिभा की पहचान हो सके। इस संबंध में विभाग का निर्णय है कि पंचायतों में जिस खेल को लेकर वहां में अधिक जागरूकता होगी, वहां अधिक खेला जाता हो, उन्हीं के अनुसार वहां सुविधाएं बहाल कराई जाएंगी।
स्थानीय स्तर पर किस खेल के लिए कौन सी सुविधाएं वहां के क्लब चाहते हैं, इसको लेकर उनका प्रस्ताव प्राप्त किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थिति, जमीन की उपलब्धता और महत्ता को भी देखा जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से खेल सामग्रियां और अन्य मदद क्लबों को दी जाएंगी। क्लबों की देखरेख में खेल से संबंधित गतिविधियां संचालित की जानी है पर, विभाग के निर्णय को धरातल पर अभी तक नहीं उतारा जा सका है।


