
पटना नीट छात्रा मौत मामले में 6 लोग हिरासत में, एसआईटी में IPS समेत 20 पुलिसकर्मी और जुड़े
पटना के हॉस्टल में जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी में एक आईपीएस समेत 20 और पुलिसकर्मी जुड़े हैं। टीम में कुल पुलिसकर्मी की संख्या अब 50 हो गई है।
बिहार की राजधानी पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा से दरिंदगी मामले में पुलिस ने गुरुवार को 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए सभी लोग हॉस्टल संचालक और मालिक से जुड़े हुए हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है। एसआईटी ने हॉस्टल संचालिका और उसके बेटे से भी पूछताछ की ताकि मामले की अहम कड़ियों को जोड़ा जा सके। मामले में जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी में एक आईपीएस और सीआईडी के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस की अलग-अलग टीमें पटना और जहानाबाद में जांच कार्य में जुटी हुई हैं। बचे हुए लोगों के डीएनए सैंपल लिये जा रहे हैं। पुलिस को फिलहाल बिसरा रिपोर्ट और एम्स के सेकेंड ओपिनियन का इंतजार है। एसआईटी ने बुधवार को हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन के जहानाबाद स्थित पैतृक गांव में छापेमारी की थी। इस दौरान मनीष रंजन के परिजन और पड़ोसियों से पूछताछ की गई थी। पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि घटना के वक्त वह वहां कहां था और आखिरी बार गांव कब आया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मनीष रंजन के घर की तलाशी के दौरान एसआईटी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। ये दस्तावेज पुलिस पटना लेकर आई है, जिसकी जांच की जा रही है। वहीं गुरुवार को बचे हुए कुछ लोगों के डीएनए सैंपल भी लिये गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। मामले में पुलिस छात्रा के परिजनों सहित केस से जुड़े कुल 40 लोगों के डीएनए सैंपल एकत्र कर रही है।
एसआईटी में टीम में अब 50 पुलिसकर्मी
पुलिस के वरीय अधिकारी ने बताया कि जांच महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच चुकी है। अब तक पुलिस ने दर्जनों लोगों से पूछताछ और बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा तकनीकी सबूतों का मिलान भी किया जा रहा है। घटना में संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर गुरुवार को पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया। हॉस्टल संचालिका और उसके बेटे से भी पूछताछ की गई।
जांच में हुई प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के लिए गुरुवार को सिटी एसपी के कार्यालय में अधिकारियों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बताया गया कि जांच का दायरा बढ़ाने के लिए एसआईटी में एक आईपीएस और सीआईडी अधिकारी के साथ अन्य अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। इस प्रकार एसआईटी में काम कर रहे अधिकारी और पुलिसकर्मियों की संख्या 30 से बढ़कर अब 50 हो गई है।
लड़की के कपड़े पर स्पर्म की पुष्टि से बदली जांच की दिशा
एफएसएल रिपोर्ट में छात्रा के कपड़े पर स्पर्म मिलने की पुष्टि के बाद इस केस की जांच की दिशा बदल गई थी। स्पर्म किसका है, यह पता लगाने के लिए केस से जुड़े संदिग्धों, परिजन और अन्य लोगों के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में पुलिस को एफएसएल की बिसरा रिपोर्ट और एम्स का सेकेंड ओपिनियन अभी तक नहीं मिला है।
लिहाजा पुलिस संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन, गूगल लोकेशन हिस्ट्री आदि की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस घटना में कोई अजनबी व्यक्ति शामिल तो नहीं था।





