
शोर से नहीं हो सकता नेताजी की जीत का आकलन
सिसवन में, बशिष्ठ सिंह और अन्य ग्रामीण चुनावी चर्चा कर रहे हैं। बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों पर बात करते हुए, युवकों ने शिक्षा के अभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक डिग्री कॉलेज की...
सिसवन। हनुमान मंदिर के पास खड़े बशिषठ सिंह खामोश खडे है। जंगलराज जंगलराज और विकास विकास के बातो को सोचते हुए मेहंदार की ओर जाने वाले लोगों को देख रहे है। तभी गांव के हरिवंश सिंह आये, और बोले क्या भाई साहब वोट किसे देना है। उन्होंने सधे स्वर में कहा शोर से नहीं हो सकता ककिसी नेताजी के जीत का आकलन। आने दीजिए चुनाव की तिथि ईबीएम के पास लोगों के जाने पर लोगों का स्वविवेक जागेगा और सही प्रत्याशी जीतेगा। तभी एक मोटरसाइकिल सवार युवक भोलू वहां पहुंचा और बोला चाचा बेरोजगारी का आलम देखिए और विकास के रफ्तार भी।

यह तो बताइए इसमें अपन लोग कहां है। तभी बशीष्ठ सिंह ने बोला पेट्रोल के दाम बढ़ने पर हल्ला होता था अब तो आलू प्याज व लहसुन के दाम पर गरीब मटियामेट हो रहे हैं। कोई कुछ सुनने वाला नहीं है। जिस बाजार में देखो वहां जाम की समस्या आम है। तभी मांझी से आकर टेंपो रूका। पता चला कि 22 किलोमीटर का 80 रुपए किराया मांग रहा। जिसको लेकर महिला से बहस हो गई। तभी युवक बोला तुम अपना फायदा देखकर के इन्हें ले आये। मनमना किराया लिया जा रहा है। तभी चुनावी चर्चा फिर शुरू हो गई। नेताओं के बखिया उघेडे जाने लगे और आम आदमी को निरीह बताया जाने लगा। तभी पढ़ने वाले युवक उज्जवल ने कहा सभी चुनावी चर्चा में लगे हैं। विकास की बात कर रहे हैं लेकिन प्रखंड क्षेत्र में एक डिग्री कॉलेज नहीं है। बरसों से यहां के युवको के लिए कॉलेज खोलने की मांग हो रही है लेकिन इस पर किसी ने अमल नहीं की। आज पढ़ने के लिए उन्हें छपरा सिवान जाना पड़ता है या पढ़ाई छोड़ना पड़ता है लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं कर रहा। बच्चे पढ़ेंगे कैसे।

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