
चार महीना बीतने के बाद भी नहीं मिला मृतक के परिजनों की मुआवजा
बड़हरिया के ज्ञानीमोड़ गांव में 4 अगस्त को भारी बारिश के दौरान एक एस्बेस्टस मकान की दीवार गिरने से पिता जहीरूद्दीन और उनकी बेटी सानिया की मौत हो गई थी। चार महीने बाद भी पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा नहीं मिला है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक पुलिस द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बड़हरिया, एक संवाददाता। थाना क्षेत्र के कैलगढ़ दक्षिण पंचायत के ज्ञानीमोड़ गांव में 4 अगस्त को भारी बारिश के दौरान एस्बेस्टनुमा मकान की दीवार गिरने से पिता और पुत्री की मौत हुई थी। घटना के चार महीने बीत जाने के बावजूद भी पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा नहीं मिल सका है। मुआवजा प्रक्रिया पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराने के कारण लंबित है। घटना में जहीरूद्दीन अहमद (50) और उनकी बेटी सानिया की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मृतक का भतीजा सेराज अहमद घायल हुआ था। जानकारी के बाद सीओ सरफराज अहमद ने स्थल निरीक्षण कर परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक मुआवजा फाइल आगे नहीं बढ़ी है।
सीओ सरफराज अहमद ने बताया कि पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट जमा नहीं की गई है, जिस कारण भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि केस आइओ से कई बार मिलकर रिपोर्ट जमा करने का अनुरोध किया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। चुनाव के बाद रिपोर्ट जमा करने की बात कही गई थी, जो आज तक पूरी नहीं हुई। मृतक जहीरूद्दीन अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और मजदूरी कर पत्नी व बच्चों का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट में है। पत्नी अजमेरी खातून कभी-कभी मजदूरी कर घर चलाने की कोशिश करती हैं, लेकिन दो वक्त का भोजन जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं- रिंकू तिवारी, अली अख्तर, मेराज आलम, मुन्ना खान और महफूज आलम- ने प्रशासन से पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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